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ईद पर मस्जिद और ईदगाह में नमाज पढ़ने की मिले इजाजत: कॉन्ग्रेस नेता इब्राहिम का कर्नाटक के CM को खत

पत्र में लिखा गया कि कोरोना के कारण पूरे राज्य के लोग मस्जिदों में नमाज पढ़ने में असमर्थ हैं। सरकार के निर्देशानुसार वे अपने घरों में रहकर ही नमाज अदा कर रहे हैं। इसलिए सरकार स्वास्थ्य विशेषज्ञों का परामर्श लेकर एहतियाती उपायों के साथ ईद के दिन 1 बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति दे।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सीएम इब्राहिम ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को पत्र लिखा है। इसमें ईद के मौके पर मस्जिद और ईदगाह मैदानों में नमाज पढ़ने की छूट देने की अपील की है। पत्र 13 मई को लिखा गया।

पत्र में लिखा गया कि कोरोना के कारण पूरे राज्य के लोग मस्जिदों में नमाज पढ़ने में असमर्थ हैं। सरकार के निर्देशानुसार वे अपने घरों में रहकर ही नमाज अदा कर रहे हैं। इसलिए पूरे समुदाय की ओर से एक सलाह है कि सरकार स्वास्थ्य विशेषज्ञों का परामर्श लेकर समुदाय को सभी एहतियाती उपायों के साथ ईद के दिन 1 बजे तक ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा करने की अनुमति दे।

गौरतलब है कि इस पत्र में पूर्व मंत्री ने ये भी कहा है कि राज्य में 24 या 25 मई को ईद का त्योहार मनाया जा सकता है। इस दिन समुदाय के सदस्य विशेष नमाज़ अदा करते हैं। इसलिए वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श लेकर उनके अनुरोध पर गौर करें। पत्र पर इब्राहिम के अलावा विधान पार्षद (एमएलसी) एस अब्दुल जब्बार का भी नाम है।

बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लागू लॉकडाउन के चलते राजनीतिक और धार्मिक सभाओं, सामूहिक रूप से मस्जिदों में नमाज पढ़ने और मंदिरों में पूजा करने पर रोक है। ऐसे में कॉन्ग्रेस मंत्री के इस अनुरोध के बाद सोशल मीडिया पर उनकी बहुत आलोचना हो रही है।

इस चिट्ठी पर राज्य के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा और कुछ तबकों ने इब्राहिम की आलोचना की है। साथ ही मुख्यमंत्री से कॉन्ग्रेस नेता की इस अपील को अस्वीकार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है।

इसके अलावा मंत्री ने गुरुवार को इस संबंध में ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा, ” सब को मालूम है कि (पूर्व मुख्यमंत्री) सिद्धरमैया, सीएम इब्राहिम और (पूर्व मंत्री) बीजेड जमीर अहमद खान द्वारा तबलीगी जमात के समर्थन का क्या नतीजा था।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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