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मंगलुरु हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा नहीं देगी येदियुरप्पा सरकार, फैसला लिया वापस

येदियुरप्पा ने हिंसा को सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि साजिशकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव किया था। वो लोग एक ऑटोरिक्शा-ट्रॉली में पत्थर भरकर लाए थे, जिसे उन्होंने पुलिस के ऊपर फेंका। सरकार आगजनी और हिंसा में शामिल लोगों के बैकग्राउंड का पता लगाएगी और अपराध में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी।

कनार्टक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने मंगलुरु में पुलिस की गोलीबारी के दो पीड़ितों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने के अपने आदेश को पलट दिया है। मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने बुधवार (दिसंबर 25, 2019) को मीडिया से बात करते हुए कहा कि 19 दिसम्बर को मंगलुरु में हुई हिंसा में मारे गए दो लोगों के परिजनों को मुआवजा नहीं देने का फैसला किया गया है।

येदियुरप्पा ने दक्षिण कन्नड़ जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “हमने पुलिस गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा नहीं देने का फैसला नहीं किया है, क्योंकि अपराधियों को मुआवजा देना अपने आप में एक अक्षम्य अपराध है। इससे पहले सरकार ने उन्हें मुआवजा देने का फैसला किया था, लेकिन अब हमने इसे वापस ले लिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलिस को 19 दिसंबर को दंगा करने वाले गुंडों की पहचान करने, उनके खिलाफ मामले दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। सीएम ने कहा, “अब यह स्पष्ट है कि यह (मंगलुरु दंगा) एक साजिश थी। लोगों ने थाने के शस्त्रागार में घुसने की कोशिश की। हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे।”

उन्होंने इस हिंसा को सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि साजिशकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव किया था। वो लोग एक ऑटोरिक्शा-ट्रॉली में पत्थर भरकर लाए थे, जिसे उन्होंने पुलिस के ऊपर फेंका। उन्होंने कहा कि सरकार आगजनी और हिंसा में शामिल लोगों के बैकग्राउंड का पता लगाएगी और अपराध में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार करेगी।

कर्नाटक सरकार के खिलाफ ‘बेबुनियाद’ आरोप लगाने के लिए विपक्ष की निंदा करते हुए येदियुरप्पा ने कहा, “जब दिमाग सही से काम नहीं करता है तो विपक्षी इसी तरह की बात करते हैं। उन बेचारों के पास उठाने के लिए अन्य कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयान देते हैं। साक्ष्य में आगजनी और लूट में उनकी (दंगाइयों) भागीदारी साफ तौर दिख रही है।”

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मंगलुरु में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी, जिसमें दो लोग मारे गए थे। मृतकों की पहचान 49 वर्षीय जलील कुद्रोली और 23 वर्षीय नौशीन के रूप में की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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