Sunday, October 17, 2021
Homeराजनीतिकेरल: कॉलेज प्रिंसिपल ने उतारा ABVP का झंडा, SFI का फ्लैग लहराता रहा

केरल: कॉलेज प्रिंसिपल ने उतारा ABVP का झंडा, SFI का फ्लैग लहराता रहा

पीएफआई के हाथों 2012 में मारे गए विशाल के बलिदान दिवस पर प्रिंसिपल ने ही दी थी कैंपस में एबीवीपी को झंडा लगाने की अनुमति, बाद में हिंसा की आशंका का हवाला दे झंडा हटाया।

केरल के कन्नूर में ब्रेनन कॉलेज के प्रिंसिपल के.फलागुणन ने गुरुवार (जुलाई 18, 2019) को कैंपस में छात्र संगठनों के बीच झगड़े की आशंका का हवाला देते हुए एबीवीपी के झंडे को कैंपस से हटा दिया, जबकि एसएफआई के झंडे को वही लगे रहने दिया। इस कदम के बाद प्रिंसिपल विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया में झंडा हटाते प्रिंसिपल की वीडियो वायरल हो गई।

जानकारी के मुताबिक यहाँ ABVP के सदस्य RSS-ABVP कार्यकर्ता विशाल का बलिदान दिवस मना रहे थे, जिसे PFI ने 2012 में मार दिया था। इसके मद्देनजर पहले प्रिंसिपल ने अस्थायी रूप से कॉलेज में झंडे लगाने की अनुमति दी थी। लेकिन बाद में वह एबीवीपी के सदस्यों से उनका झंडा हटाने के लिए कहने लगे। जब सदस्यों ने ऐसा करने से मना किया तो प्रिंसिपल ने खुद जाकर एबीवीपी के झंडे को उतार दिया। इस घटना के बाद आंदोलन कर रहे सदस्यों ने उनके घर तक मार्च कर प्रदर्शन किया।

प्रिंसिपल की मानें तो उन्होंने ऐसा दो पक्षों में संभावित झगड़े को रोकने के लिए किया। लेकिन भाजपा नेता कृष्णादास की मानें तो कैंपस में एसएफआई की अच्छी पकड़ होने कारण प्रिंसिपल उनकी करतूतों को अनदेखा कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि वे झगड़ों को रोकना चाहते तो एसएफआई के झंडे को भी हटा देते।

बता दें इस घटना के अगले दिन एबीवीपी के सदस्यों ने दोबारा झंडा फहराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इस दौरान पुलिस का प्रतिरोध झेलना पड़ा। पूरे प्रकरण में प्रिंसिपल का कहना है कि उन्हें एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जान से मारने की धमकी दी है, इसलिए उन्होंने अपने घर के बाहर पुलिस की तैनाती करवाई है।

घटना के बाद हुई आलोचनाओं पर प्रिंसिपल ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, “मैंने झंडा इसलिए उतारा ताकि Sfi और Abvp के बीच होने वाले झगड़े को टाला जा सके।” उनकी मानें तो हजारों की तादाद में एक ओर sfi के छात्र थे, जबकि दूसरी ओर abvp के 7 कार्यकर्ता थे। इसलिए उन्होंने वो किया जो उन्हें लगा कि स्थिति को संभालने के लिए सबसे बेहतर था। उन्होंने झंडा उतारा और उसे बाहर ले जाकर पुलिस को सौंप दिया।

जानकारी के अनुसार ब्रेनन कॉलेज में एसएफआई की अच्छी पकड़ है। जिसके कारण यहाँ दूसरे संगठनों को काम करने से रोका जाता है। सीपीएम नेता और केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन यहाँ के एलुमनी है।Sfi सीपीएम का छात्र संघ है, जिसे यहाँ के कैंपस में हिंसात्मक राजनीति के लिए जाना जाता है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

काटेंगे-मारेंगे और दिखाएँगे भी… फिर करेंगे जिम्मेदारी की घोषणा: आखिर क्यों पाकिस्तानी कानून को दिल में बसा लिया निहंग सिखों ने?

क्या यह महज संयोग है कि पाकिस्तान की तरह 'किसान' आंदोलन की जगह पर भी हुई हत्या का कारण तथाकथित तौर पर ईशनिंदा है?

डीजल डाल कर जला दिया दलित लखबीर का शव, चेहरा तक नहीं देखने दिया परिजनों को: ग्रामीणों ने किया बहिष्कार

डीजल डाल कर मोबाइल की रोशनी में दलित लखबीर सिंह के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शव से पॉलीथिन नहीं हटाया गया। परिजन चेहरा तक न देख पाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
129,199FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe