Wednesday, May 22, 2024
Homeराजनीतिहवनपूजा के साथ PM मोदी ने किया IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन, श्रमजीवियों को दिया...

हवनपूजा के साथ PM मोदी ने किया IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन, श्रमजीवियों को दिया सम्मान: 123 एकड़ में फैला है, शंख जैसा है आकार

पीएम मोदी का लक्ष्य था कि बड़ी बैठकों, कॉन्फ्रेंस और एक्सहिबिशन जैसे कार्यक्रमों के लिए विश्व स्तर का एक इंफ्रास्ट्रक्चर हो, उसी आधार पर इस नए IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस दौरान हवन और पूजा-पाठ के साथ विधिवत हिन्दू परंपराओं के तहत प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। साथ ही प्रधानमंत्री ने श्रमजीवियों को भी सम्मानित किया। बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में नए ‘इंटरनेशनल एक्सहिबिशन कम कन्वेंशन सेंटर (IECC)’ का निर्माण हुआ है। G20 समिट का भी उद्घाटन किया गया है। बुधवार (26 जुलाई, 2023) की सुबह पीएम मोदी यहाँ पहुँचे।

हवन पूजा में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो भी सामने आया है। ‘इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO)’ के अंतर्गत ही IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है। इस कॉम्प्लेक्स को 2700 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। पीएम मोदी का लक्ष्य था कि बड़ी बैठकों, कॉन्फ्रेंस और एक्सहिबिशन जैसे कार्यक्रमों के लिए विश्व स्तर का एक इंफ्रास्ट्रक्चर हो, उसी आधार पर इस नए IECC कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया है।

प्रगति मैदान में सुविधाएँ अब बीते जमाने की हो गई थीं और नए जमाने की तकनीकों का वहाँ अभाव था। इसीलिए, इसे एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। इसका कैम्पस 123 एकड़ का होगा। ये भारत का सबसे बड़ा ‘MICE (मीटिंग्स, इन्सेन्टिव्स, कॉन्फरेंसेज एवं एक्सहिबिशंस)’ डेस्टिनेशन होगा। विश्व के सबसे उत्कृष्ट प्लेटफॉर्म्स में इसका स्थान आएगा। ये प्रगति मैदान में मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। इसके आर्किटेक्चर की भव्यता पर विशेष ध्यान दिया गया है।

यहाँ एक बड़ा लाउंज भी है। व्यापारिक बैठकों के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। जहाँ सुविधाएँ आधुनिक हैं, वहीं आर्किटेक्चर के मामले में भारत कके इतिहास और संस्कृति का ध्यान रखा गया है। इसकी इमारत को शंख का आकार दिया गया है, वहीं इसकी दीवारें ‘सूर्य शक्ति’ (सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत का उत्तम प्रदर्शन) का प्रदर्शन करती हैं। भारतीय कलाकृतियों को उकेरा गया है। अंतरिक्ष में भारत की सफलता दिखाने के लिए ‘जीरो टू इसरो’ थीम भी है।

विश्व के निर्माण की सनातन थ्योरी को दिखाने के लिए ‘पंच महाभूत’ को भी दर्शाया गया है। विभिन्न जनजातीय समाज की कलाकृतियों को भी दिखाया गया है। 5G इंटरनेट, 10G इंट्रानेट, 16 कम्प्यूटर भाषाओं में तकनीक, बड़े-बड़े वीडियो वॉल्स के साथ एडवांस AV सिस्टम, एनर्जी-लाइट के लिए अत्याधुनिक सिस्टम और तगड़ा सर्विलांस सिस्टम इसकी पहचान है। इसमें 7 एक्सहिबिशन हॉल्स हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पश्चिम बंगाल में 2010 के बाद जारी हुए हैं जितने भी OBC सर्टिफिकेट, सभी को कलकत्ता हाई कोर्ट ने कर दिया रद्द : ममता...

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार 22 मई 2024 को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका दिया। हाईकोर्ट ने 2010 के बाद से अब तक जारी किए गए करीब 5 लाख ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द कर दिए हैं।

महाभारत, चाणक्य, मराठा, संत तिरुवल्लुवर… सबसे सीखेगी भारतीय सेना, प्राचीन ज्ञान से समृद्ध होगा भारत का रक्षा क्षेत्र: जानिए क्या है ‘प्रोजेक्ट उद्भव’

न सिर्फ वेदों-पुराणों, बल्कि कामंदकीय नीतिसार और तमिल संत तिरुवल्लुवर के तिरुक्कुरल का भी अध्ययन किया जाएगा। भारतीय जवान सीखेंगे रणनीतियाँ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -