Tuesday, May 17, 2022
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बौना, नीचता, अखंड-पाखंड, नारकीय बेशर्मी, राजनैतिक लंपट: किसने दी नेता’जी’ को इतनी गाली

कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि जिन शरद पवार ने भरी संसद में लोकपाल बिल का मज़ाक उड़ाया था, उन्हीं से गले मिलकर लोकतंत्र को बचाने निकले आत्ममुग्ध 'बौने' की दाद देनी चाहिए।

बुधवार (फरवरी 13, 2019) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी ने एक रैली का आयोजन किया। इस रैली का नाम ‘आप’ ने तानाशाही हटाओ, लोकतंत्र बचाओ दिया। अरविंद केजरीवाल की इस रैली में शरद पवार ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज की। जिसके बाद कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि जिन शरद पवार ने भरी संसद में लोकपाल बिल का मज़ाक उड़ाया था, उन्हीं से गले मिलकर लोकतंत्र को बचाने निकले आत्ममुग्ध ‘बौने’ की दाद देनी चाहिए।

अपने ट्वीट में कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर परोक्ष रूप से तंज कसते हुए आत्ममुग्ध बौना भी बताया और इल्ज़ाम भी लगाया कि उन्होंने पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बना लिया है।

कुमार विश्वास ने अपने एक पुराने ट्वीट को रिट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “अपने-अपने दलों में हर संभव तरीक़े से लोकतंत्र की बहुधा निर्मम हत्या करने वाले हमारे नेता जब-जब “लोकतंत्र ख़तरे में है ,लोकतंत्र बचाओ, लोकतंत्र मज़बूत करो”, जैसे प्रलाप निहायत बेशर्मी के साथ करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे हाफ़िज़ सईद, विश्व-शांति पर प्रवचन कर रहा हो।”

ये पहली या दूसरी दफ़ा नहीं है कि कुमार विश्वास ने केजरीवाल को लेकर ट्वीट किया हो। इससे पहले भी कुमार ने अरविंद केजरीवाल पर तीके तंज कसते हुए ट्वीट किए हैं। पश्चिम बंगाल में जब योगी को वहाँ पर जाने से रोका गया था। तब उन्होंने ट्वीट करके लिखा था कि कल एक मुख्यमंत्री कोलकाता पहुँच रहे हैं! उनके वहाँ जाने से लोकतंत्र की रक्षा होगी, पर आज एक मुख्यमंत्री को कोलकाता में प्रवेश से रोक दिया गया, क्योंकि उनके आने से लोकतंत्र नष्ट हो जाता।


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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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