Wednesday, February 8, 2023
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क्या 14 अप्रैल के बाद बढ़ेगा लॉकडाउन और जून तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज-धार्मिक स्थान?

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री ने बयान दिया कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की माँग करेगी। लोगों का घरों में रहना ही कोरोना वायरस को फैलने से बचा सकता है। बता दें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से भी इसी तरह की अपील की गई।

24 मार्च से लागू हुए 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को आज 15 दिन बीत चुके हैं। अब जैसे-जैसे 14 अप्रैल नजदीक आ रहा है। सबके मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोरोना के बढ़ते कहर के बावजूद ये लॉकडाउन आने वाले 7 दिन में समाप्त हो जाएगा और लोग सड़कों पर खुलेआम संक्रमण के खतरे में घूमेंगे या फिर राज्य सरकारें इस स्थिति को काबू करने के लिए लॉकडाउन को आगे बढ़ाएगी?

मौजूदा जानकारी के अनुसार, भारत में इस समय कोरोना से प्रभावित केसों की संख्या 5 हजार के पार चली गई है और लगातार लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की माँग की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्रियों से कहा भी है कि वे इसपर विचार करें। जिसके बाद कई राज्य के मुख्यमंत्रियों ने इसे बढ़ाने पर बात की है और इसके खुलने पर अपनी चिंता जाहिर की है। साथ ही राज्यों ने कई सुझाव भी दिए हैं।

PM मोदी ने क्या कहा?

आज विपक्षी नेताओं के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि यह मुश्किल प्रतीत हो रहा है कि लॉकडाउन को जल्द ही खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कोरोना वायरस से पहले और उसके बाद का जीवन बिल्कुल भी एक सा नहीं रहेगा। कई सामाजिक, व्यवहारिक, व्यक्तिगत बदलाव होंगे।

बता दें, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर विचार किया जा रहा है कि आने वाले समय में लॉकडाउन की समयावधि बढ़ाई जाएगी या नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और लेफ्टिनेंट गवर्नर से बातचीत करके अपना फैसला लेंगे।

याद दिला दें, पीएम मोदी ने पिछली बैठक में लॉकडाउन हटाने को लेकर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सुझाव माँगे थे, जिससे कि गरीब और प्रवासी श्रमिकों की परेशानी खत्म हो सके। न्यूज 18 की खबर में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सचिवों के साथ ही नीति आयोग के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि 15 अप्रैल के बाद भी पूर्ण रूप से लॉकडाउन के चलते अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान होगा। इसलिए वे उन क्षेत्रों में प्रतिबंध खत्म करने के पक्ष में हैं जो ‘रेड जोन’ नहीं है।

लॉकडाउन आगे बढ़ाने की राज्यों ने दी सलाह

उल्लेखनीय है कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच लॉकडाउन की अवधि 14 अप्रैल की रात खत्म हो जाएगी। जिसे लेकर कई राज्य चिंता में हैं। जैसे महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली समेत कई प्रदेशों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। इसी कारण वे तो किसी भी हाल में अपने राज्यों से लॉकडाउन खोलने के बारे में सोच भी नहीं सकते। इसलिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि लॉकडाउन को और दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया जाए। क्योंकि अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को सुधारा जा सकता है, लेकिन लोगों की जान ज्यादा जरूरी है।

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री ने बयान दिया कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की माँग करेगी। लोगों का घरों में रहना ही कोरोना वायरस को फैलने से बचा सकता है। बता दें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की ओर से भी इसी तरह की अपील की गई।

बिना अपवाद जून तक बंद होंगे स्कूल-कॉलेज और धार्मिक स्थल?

इंडिया टुडे के मुताबिक लॉकडाउन को लेकर आई अपीलों में सभी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को कहा जा रहा है। राज्यों का कहना है कि प्रतिबंध सभी धर्मों के लिए लागू हो और इसमें कोई छूट नहीं होनी चाहिए।

राज्यों का यह भी कहना है कि स्कूल और कॉलेज बिना किसी अपवाद के जून तक बंद रखने होंगे। साथ ही सरकारी क्षेत्र में सभी स्थानांतरण और पोस्टिंग को छह महीने के लिए टालनी होगी, क्योंकि, अगर ऐसा हुआ तो बड़े पैमाने पर भीड़ शामिल होगी।

उनका कहना है कि स्थिति में सुधार होने तक होटल, रेस्टोरेंट और बार पूरी तरह से लॉकडाउन के तहत बंद होंगे। जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता तब तक शादियों, अंतिम संस्कारों, कॉर्पोरेट टाउन हॉल बैठक जैसे सार्वजनिक कार्यों को लॉकडाउन के तहत बंद रहना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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