HomeराजनीतिBJP के लिए EVM 'इलेक्ट्रॉनिक विक्ट्री मशीन' बन गई है: कॉन्ग्रेस

BJP के लिए EVM ‘इलेक्ट्रॉनिक विक्ट्री मशीन’ बन गई है: कॉन्ग्रेस

कॉन्ग्रेस का यह बयान चुनाव आयोग की 22 विपक्षी दलों की उस माँग को खारिज करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने माँग की थी कि मतगणना से पहले वीवीपैट की पर्चियों के ईवीएम से मिलान की बात कही थी।

लोकसभा चुनाव के परिणाम के पहले से ही विपक्ष लगातार ईवीएम और आदर्श आचार संहिता को लेकर भाजपा पर तरह-तरह के आरोप लगा रहा है। विपक्ष ने एक बार फिर से चुनाव परिणाम से पहले ईवीएम और वीवीपैट को लेकर असंतोष जाहिर किया है। बुधवार (मई 22, 2019) को कॉन्ग्रेस ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए और कहा कि ऐसा लगता है कि, बीजेपी के लिए आदर्श आचार संहिता ‘मोदी प्रचार संहिता’ बन गई है। इसके साथ ही कॉन्ग्रेस ने भाजपा के लिए ईवीएम को ‘इलेक्ट्रॉनिक विक्ट्री मशीन’ करार दिया।

कॉन्ग्रेस का यह बयान चुनाव आयोग की 22 विपक्षी दलों की उस माँग को खारिज करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने माँग की थी कि मतगणना से पहले वीवीपैट की पर्चियों के ईवीएम से मिलान की बात कही थी। दरअसल, विपक्ष ने माँग की थी कि अगर वीवीपैट और ईवीएम का मिलान एक जैसा नहीं पाया जाता, तो पूरी विधानसभा की वीवीपैट की पर्चियों को गिना जाए। मगर चुनाव आयोग ने इस माँग को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि मतगणना के अंत में ही पर्चियों का मिलान किया जाएगा, उससे पहले नहीं।

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग के निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्ष के द्वारा किए गए दोनों माँग को खारिज कर दिया, लेकिन इसे किस आधार पर खारिज किया गया, इसके बारे में आयोग ने कुछ नहीं कहा। सिंघवी ने चुनाव आयोग पर सिर्फ एक ही पार्टी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि यह संवैधानिक संस्था के लिए काला दिन है। उन्होंने कहा कि यदि एक ही पक्ष की सुनवाई करनी है तो फिर संस्था की स्वतंत्रता का क्या मतलब रह जाता है? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आयोग को ईवीएम की विश्वसनीयता को बरकरार रखने के लिए कुछ करना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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