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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कॉन्ग्रेस के 7 सांसदों को किया निलंबित, स्पीकर पर कागज फेंकने का है आरोप

सात कॉन्ग्रेस सांसदों- गौरव गोगोई, टीएन प्रथापन, डीन कुरीकोस, आर उन्नीथन, मणिकम टैगोर, बेनी बेहान और गुरजीत सिंह औजला को दुराचार के आरोप में बजट सत्र के बाकी सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को कॉन्ग्रेस के सात सांसदों को निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वालों में गौरव गोगोई, टीएन प्रतापन, डीन कुरीयकोसे, आर उन्नीथन, मणिकम टैगोर, बेनी बेहान और गुरजीत औजला हैं। कॉन्ग्रेस के इन सातों सांसदों को लोकसभा की मर्यादा तोड़ने के लिए निलंबित कर दिया गया है।

सात कॉन्ग्रेस सांसदों- गौरव गोगोई, टीएन प्रथापन, डीन कुरीकोस, आर उन्नीथन, मणिकम टैगोर, बेनी बेहान और गुरजीत सिंह औजला को दुराचार के आरोप में बजट सत्र के बाकी सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि लोकसभा में मंगलवार को कुछ सदस्यों के व्यवहार से आहत अध्यक्ष ओम बिरला बृहस्पतिवार को भी लगातार दूसरे दिन सदन में नहीं आए। बताया गया है कि ओम बिरला सदन में सदस्यों के बर्ताव से बहुत क्षुब्ध हैं और इस वजह से सदन में नहीं आ रहे हैं। बृहस्पतिवार (मार्च 05, 2020) सुबह 11 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य दिल्ली हिंसा पर तुरंत चर्चा कराने और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की माँग को लेकर नारे लगाते हुए आसन के करीब आ गए।

इस पर पीठासीन उपाध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने कहा कि वह पीठ की तरफ से सदन को बताना चाहते हैं कि कुछ सदस्यों के बर्ताव से अध्यक्ष महोदय बहुत दु:खी हैं और इसी वजह से वह सदन में नहीं आ रहे हैं। सदन में अध्यक्ष को जिस तरह से चुनौती दी जा रही है वह दुखद है और उससे दु:खी होना अध्यक्ष का अधिकार है।

अध्यक्ष कुछ सदस्यों के व्यवहार को लेकर बहुत दु:खी हैं और यही कारण है कि वह सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि दिल्ली हिंसा पर तत्काल चर्चा कराने की विपक्ष की माँग को लेकर मंगलवार को हुए भारी हंगामे के दौरान सदस्यों ने कागज फाड़कर अध्यक्ष के आसन की ओर फेंक दिए थे तथा विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की हुई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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