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BJP के हुए कॉन्ग्रेस के 21 पूर्व MLA, इनकी बगावत से ही MP में गिरी थी कमलनाथ सरकार

कोरोना संक्रमण के कारण विधायकों की बैठक अब 23 मार्च को प्रस्तावित है। इस मामले में दिल्ली से पर्यवेक्षक के रूप में धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे भोपाल जा सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं 25 मार्च को मध्य प्रदेश में नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है।

कमलनाथ के मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफे के बाद बीजेपी मध्‍य प्रदेश में सरकार बनाने की कवायद में जुट गई है। इसी कड़ी में शनिवार (मार्च 20, 2020) को कॉन्ग्रेस के पूर्व 21 विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया। मध्य प्रदेश में सियासी संकट शुरू होने के बाद बेंगलुरु में डेरा डालने वाले इन पूर्व विधायकों ने दिल्ली पहुॅंच बीजेपी अध्यक्ष जेपी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और पार्टी की सदस्यता ली। हाल ही में कॉन्ग्रेस छोड़ बीजेपी में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद ट्विटर पर इस बारे में जानकारी दी है।

22 विधायकों की बगावत ने ही मध्य प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार की विदाई की पटकथा लिखी थी। ये सभी विधायक बेंगलुरु में ठहरे हुए थे। शुरुआत में विधानसभा स्पीकर इनका इस्तीफा स्वीकार करने से टालमटोल कर रहे थे। लेकिन, गुरुवार को फ्लोर टेस्ट के सुप्रीम कोर्ट के बाद इनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था। अगले दिन शुक्रवार को कमलनाथ ने भी इस्तीफा दे दिया था। कॉन्ग्रेस से बगावत करने वाले इन 22 पूर्व विधायकों में शामिल रहे बिसाहूलाल साहू पहले ही भाजपा की सदस्यता ले चुके हैं। ये सभी सिंधिया के समर्थक हैं। कॉन्ग्रेस में सिंधिया की उपेक्षा से नाराज होकर इन्होंने बगावत की थी।

भाजपा अध्यक्ष नड्डा से मुलाकात से पहले इन नेताओं से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुलाकात की। भाजपा अध्यक्ष के आवास पर भी सिंधिया मौजूद था। उनके अलावा भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि इन पूर्व विधायकों में से 16 ग्वालियर-चंबल से हैं और इस क्षेत्र में सिंधिया का खासा प्रभाव माना जाता है। कोरोना वायरस के कारण विधायकों की बैठक अब 23 मार्च को प्रस्तावित है। इस मामले में दिल्ली से पर्यवेक्षक के रूप में धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे भोपाल जा सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं 25 मार्च को मध्य प्रदेश में नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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