Friday, March 1, 2024
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आपको हमारे कार्यक्रम में आना ही होगा: कमलनाथ ने की मिन्नतें तो अडानी ने कहा- प्रतिनिधि भेजूँगा

मध्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए 18 अक्टूबर को 'मैग्नीफिसेंट एमपी' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कमलनाथ को जब पता चला कि अडानी इसमें शिकरत नहीं करेंगे तो उन्होंने तत्काल उन्हें फोन कर आने का आग्रह किया।

कॉन्ग्रेस हमेशा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उद्योगपति गौतम अडानी का नजदीकी बता कर उन पर निशाना साधती रही है। यह सही भी है कि गुजराती होने के कारण अम्बानी-अडानी ने गुजरात में अच्छा ख़ासा निवेश किया था और तब गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी उद्योगपतियों को रिझाने के लिए ‘वाइब्रेंट गुजरात’ सहित कई कार्यक्रम आयोजित करते थे। इससे राज्य में निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिला। कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा था कि पीएम मोदी ने 35,000 एकड़ ज़मीन अडानी को सिर्फ़ 1 रुपए प्रति मीटर की दर से बेच डाली। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने दावा किया था कि अडानी ने मोदी का चुनावी ख़र्चा उठाया।

अब कॉन्ग्रेस शासित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ अरबपति कारोबारी गौतम अडानी को रिझाने में लग गए हैं। अडानी समूह कोयला से लेकर बिजली तक, कई प्रकार के कारोबार करती है। मध्य प्रदेश में 18 अक्टूबर को ‘मैग्नीफिसेंट एमपी ‘ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न उद्योगपतियों को बुला कर राज्य में निवेश करने को कहा जाएगा, जिससे रोजगार का सृजन हो। इसके लिए सीएम कमलनाथ ने भारत के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी को भी इस समिट में आने के लिए न्योता दिया था।

हाल ही में इसी कार्यक्रम को लेकर आयोजित बैठक में जब कमलनाथ को पता चला कि गौतम अडानी ‘मैग्नीफिसेंट एमपी’ में नहीं आ रहे हैं, तो उन्होंने तुरंत अडानी को फोन लगा कर आग्रह किया कि वे किसी तरह समय निकाल कर मध्य प्रदेश आएँ। अडानी ने उन्हें बताया कि फ़िलहाल वह ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर हैं और ‘मैग्नीफिसेंट एमपी’ कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बन पाएँगे। हालाँकि, वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता और एमपी के सीएम कमलनाथ के आग्रह पर उन्होंने आश्वासन दिया कि वह अडानी समूह की तरफ़ से एक प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में भेजेंगे।

जनवरी 2019 में कमलनाथ ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित ‘वर्ल्ड इकनोमिक फोरम’ के इतर कई उद्योगपतियों से मुलाक़ात की थी, जिनमें गौतम अडानी भी शामिल थे। कमलनाथ रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अम्बानी से भी मिलने पहुँचे थे। मुकेश अम्बानी ने उन्हें मध्य प्रदेश में निवेश करने का आश्वासन दिया था। सवाल यह है कि जिस अम्बानी-अडानी को कॉन्ग्रेस ने चुनाव का मुद्दा बना दिया था, आज कॉन्ग्रेस नेता उन्हीं उद्योगपतियों के दर पर हाजिरी दे रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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