Thursday, June 13, 2024
HomeराजनीतिMP में कर्नाटक जैसा सियासी ड्रामा, MLA के इस्तीफे से मुश्किल में कमलनाथ सरकार

MP में कर्नाटक जैसा सियासी ड्रामा, MLA के इस्तीफे से मुश्किल में कमलनाथ सरकार

हरदीप सिंह के इस्तीफे से कॉन्ग्रेस सरकार का संकट गहरा गया है। मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने अपने नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपेक्षा को लेकर चेताया है। राजनीतिक घटनाक्रम उसी तरह आगे बढ़ रहे है जैसा बीते साल कर्नाटक में देखने को मिला था।

बीते साल जुलाई में कर्नाटक में एक सियासी ड्रामा देखने को मिला था। इसका पटाक्षेप कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस-कॉन्ग्रेस सरकार के गिरने से हुआ था। नए साल में इसी रास्ते पर मध्य प्रदेश की राजनीति जाती दिख रही है। कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। कॉन्ग्रेस के इकलौते सिख विधायक हरदीप सिंह डंग ने अपनी ही पार्टी के राज्य सरकार को भ्रष्ट बता इस्तीफा दे दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डंग ने विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति को अपना इस्तीफा पत्र भेजा। पत्र में हरदीप डंग ने कहा कि दूसरी बार लोगों का जनादेश मिलने के बावजूद पार्टी द्वारा उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने अपने पत्र में कहा, “कोई भी मंत्री काम करने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि वे एक भ्रष्ट सरकार का हिस्सा हैं।”

https://platform.twitter.com/widgets.js

हालाँकि हरदीप सिंह डंग के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई खबर नहीं हैं। उन्होने कहा, “हरदीप सिंह डंग हमारी पार्टी के विधायक हैं। उनके इस्तीफा देने की खबर मिली है, लेकिन मुझे अभी तक इस संबंध में उनका कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। न ही उन्होंने मुझसे अभी तक इस संबंध में कोई चर्चा की है और न प्रत्यक्ष मुलाकात की है।” सीएम के मुताबिक जब तक हरदीप सिंह की उनसे इस संबंध में चर्चा नहीं हो जाती, तब तक इस बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा।

वहीं विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने देर शाम इस मामले पर अपना अधिकारिक बयान जारी कर दिया था। उन्होंने कहा था, “मुझे सुवासरा विधायक हरदीप सिंह डंग के इस्तीफा देने की खबर मिली है। उन्होंने मुझसे प्रत्यक्ष रूप से मिलकर इस्तीफा नहीं सौंपा है। जब वे मुझसे प्रत्यक्ष रूप से मिलकर इस्तीफा सौपेंगे तो मैं नियमानुसार उस पर विचार कर आवश्यक कदम उठाऊँगा।”

उल्लेखनीय है कि विधायकों के इस्तीफे को लेकर इसी तरह का रुख पिछले साल कर्नाटक के स्पीकर ने भी दिखाया था। बावजूद इसके सरकार नहीं बच पाई थी। उस समय भी जेडीएस और कॉन्ग्रेस ने बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया था। साथ ही बीजेपी विधायकों के संपर्क में होने का दावा किया था। वही सूरतेहाल फिलहाल मध्य प्रदेश में है। हालॉंकि हॉर्स ट्रेडिंग के कॉन्ग्रेस के आरोपों को वहीं विधायक खारिज कर चुके हैं जिन्हें बंधक बनाने का आरोप उसने बीजेपी पर लगाया था।

इस बीच, बीजेपी विधायक संजय पाठक ने कॉन्ग्रेस में शामिल होने की खबरों को अफवाह करार दिया है। उन्होंने कहा है, “मैं सीएम कमलनाथ से नहीं मिला हूँ। बीती रात मुझे अगवा करने की कोशिश की गई थी। मेरे ऊपर बहुत दबाव बनाया जा रहा है। मैं हमेशा बीजेपी के साथ रहूॅंगा।” उन्होंने अपनी हत्या किए जाने या अगवा किए जाने की भी आशंका जताई है।

वैसे कॉन्ग्रेस अब भी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही है। साथ ही जल्द कैबिनेट विस्तार की भी बात कह रही है। लेकिन, कमलनाथ सरकार के मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के ताजा बयान से ऐसा लगता नहीं है। सिसोदिया ने कहा है कि उनके नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपेक्षा होने पर सरकार पर संकट पैदा हो सकता है। यह पहला मौका नहीं है जब अपनी ही सरकार से सिंधिया के सम​र्थकों ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताई है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कह चुके हैं प्रदेश का राजनीतिक संकट कॉन्ग्रेस की अंदरूनी लड़ाई की उपज है। बागी विधायकों में से तीन तो पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के खेमे के बताए जाते हैं।

यहाँ बता दें,इस समय मध्यप्रदेश विधानसभा में कॉन्ग्रेस के पास 113 विधायक बचे हैं, बीजेपी के पास 107 एमएलए हैं। 230 सदस्यों वाली विधानसभा में फिलहाल दो सदस्यों के निधन से संख्या 228 है। इसमें कॉन्ग्रेस को दो बसपा, एक सपा और चार निर्दलीय विधायकों  का समर्थन हासिल है।

‘BJP ने नहीं बनाया बंधक, कॉन्ग्रेस के प्लेन में बैठकर आना हमारा दुर्भाग्य’: मध्य प्रदेश की पॉलिटिक्स में नया ट्विस्ट

कौन है वो नेता जिसने उड़ा दी है CM कमलनाथ की नींद: मध्य प्रदेश में बड़ा सियासी हलचल

दिग्विजय गिरा रहे कमलनाथ की सरकार? बोले शिवराज- इतने गुट हैं कॉन्ग्रेस में कि आपस में ही मारामारी मची है

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेता खाएँ मलाई इसलिए कॉन्ग्रेस के साथ AAP, पानी के लिए तरसते आम आदमी को दोनों ने दिखाया ठेंगा: दिल्ली जल संकट में हिमाचल...

दिल्ली सरकार ने कहा है कि टैंकर माफिया तो यमुना के उस पार यानी हरियाणा से ऑपरेट करते हैं, वो दिल्ली सरकार का इलाका ही नहीं है।

पापुआ न्यू गिनी में चली गई 2000 लोगों की जान, भारत ने भेजी करोड़ों की राहत (पानी, भोजन, दवा सब कुछ) सामग्री

प्राकृतिक आपदा के कारण संसाधनों की कमी से जूझ रहे पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत को भारत ने बुनियादी जरूरतों के सामान भेजे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -