Homeराजनीतिमहाराष्ट्र के विकास को पीछे धकेल रहा है महा 'विकास' अघाड़ी: रद्द किए जा...

महाराष्ट्र के विकास को पीछे धकेल रहा है महा ‘विकास’ अघाड़ी: रद्द किए जा रहे हैं कई अहम प्रोजेक्ट

एनसीपी चीफ शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री ठाकरे को चिट्ठी लिखकर उस पोर्टल को भी बंद करने की माँग की है जिसे पिछली सरकार ने युवाओं को रोज़गार मुहैया कराने के लिए शुरू किया था।

महाराष्ट्र में तीस दिन तक चली खींचतान के बाद एक त्रिशंकु सरकार सत्ता में आई। सत्ता हासिल करने के बाद से ही अपना-अपना कुनबा जोड़कर सरकार बनाने वाली यह पार्टियाँ अब बदले की राजनीति में लग गई हैं। बदले की इस सियासत का सबसे ज्यादा नुकसान राज्य के विकास पर पड़ेगा। ठाकरे के नेतृत्व में राज्य की सत्ता पर काबिज हुआ यह महाविकास अघाड़ी गठबंधन अब बदले की राजनीति करने पर उतर आया है। राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के कार्यकाल में हुए सभी कार्यों को लेकर इस सरकार का उदासीन रवैया साफ दिखने लगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अरे जंगल से होकर गुजरने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट से लेकर पिछली सरकार द्वारा विकास के कई अन्य कार्यों को रोक दिया गया है।

हाल ही में एनसीपी चीफ शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने मुख्यमंत्री ठाकरे को चिट्ठी लिखकर उस पोर्टल को भी बंद करने की माँग की है जिसे पिछली सरकार ने युवाओं को रोज़गार मुहैया कराने के लिए शुरू किया था। बता दें कि महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार के दौरान यह महापोर्टल रोज़गार सम्बन्धी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था जिसे सुप्रिया अब बंद करवा देना चाहती हैं। मुख्यमंत्री ठाकरे को लिखी अपनी इस चिट्ठी में सुले ने इसके लिए पोर्टल के ठीक से संचालित न होने का तर्क पेश किया है।

सरकार के इस रवैय्ये के क्रम में महाराष्ट्र के कई विकास कार्यों को स्थगित कर दिया गया है। इनमें पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना का स्थगित होना भी शामिल है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस सम्बन्ध में दिए अपने बयान में कहा है कि इसे लेकर उनकी सरकार पुनर्विचार करेगी। बीते शुक्रवार को महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही उद्धव ने आरे में मेट्रो प्रोजेक्ट से सम्बंधित काम रोकने के आदेश दिए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -