Homeरिपोर्टमीडियालोकतंत्र की हिमायती ममता बनर्जी ने Republic TV के फ़्रीडम ऑफ़ स्पीच की हत्या...

लोकतंत्र की हिमायती ममता बनर्जी ने Republic TV के फ़्रीडम ऑफ़ स्पीच की हत्या के लिए थमाया नोटिस

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने ममता सरकार से कहा, "मैं ममता बनर्जी के पुलिसिया गुर्गों द्वारा गिरफ़्तार होने के लिए तैयार हूँ।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जो हाल ही में तथाकथित देश के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने का दावा करते हुए धरने पर बैठी थी, और जो फ्रीडम ऑफ़ स्पीच की ज़बरदस्त हिमायती हैं, उसी ममता बनर्जी ने अब कोलकाता में उनके धरना प्रदर्शन से उपजे हड़ताल के लगातार कवरेज पर इंग्लिश समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी और उसके हिंदी चैनल रिपब्लिक भारत को नोटिस भेजा है। बता दें कि सीबीआई अधिकारियों द्वारा शारदा चिट फंड घोटाले की जाँच के लिए कोलकाता पुलिस आयुक्त के आवास पर पहुँचने के बाद ममता बनर्जी धरने पर बैठ गईं। कोलकाता पुलिस प्रमुख के पक्ष में माहौल बनाने के लिए, ममता, विभिन्न पुलिस अधिकारियों के साथ धरने पर बैठ गईं।

रिपब्लिक टीवी के अनुसार, मीडिया समूह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में ‘सीबीआई बनाम कोलकाता पुलिस उपद्रव’ पर रिपोर्ट करने के बाद उन्हें एक नोटिस के साथ धमकी दी है। यहाँ आठ सीबीआई अधिकारियों को कोलकाता पुलिस ने ममता बनर्जी के आदेश पर गिरफ़्तार किया था। सीबीआई अधिकारी कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार से पूछताछ करने के लिए कोलकाता के लिए गए थे ताकि बड़े पैमाने पर शारदा घोटाले के से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके। बता दें कि शारदा चिट-फंड मामले में सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी आरोपित हैं।

हालाँकि, रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने कहा है कि वह ममता बनर्जी सरकार द्वारा घटना पर अपनी रिपोर्ट के लिए गिरफ़्तार होने को तैयार हैं। मीडिया संगठन ने यह भी कहा है कि वे अपनी रिपोर्ट के आधार पर खड़े हैं और पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा इस तरह की धमकी से डरने वाले नहीं हैं।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने ममता सरकार से कहा, “मैं ममता बनर्जी के पुलिसिया गुर्गों द्वारा गिरफ़्तार होने के लिए तैयार हूँ।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘The Wire’ ने दिखाई भारतीय सेना के लिए घृणा, अली अहमद ने ‘हिंदी और हिंदुत्व’ के बहाने फैलाया हिंदू विरोधी एजेंडा: आर्मी के ‘हिंदूकरण’...

'The Wire' में अली अहमद का असली मकसद सेना को बदनाम करना है। क्योंकि सेना इनके मनमुताबिक बनी नकली धर्मनिरपेक्षता की बातों को नहीं मानती हैं।

आर्टिकल 370 हटने के समय संभाली J&K में कमान, आतंकी नेटवर्क की तोड़ी कमर: जानिए कौन हैं वो ‘डॉक्टर’ महेश दीक्षित, जिन्हें मोदी सरकार...

महेश दीक्षित पहले पेशे से डॉक्टर थे, देशसेवा के लिए वो पुलिस सर्विस में आए और अब उन्हें उनका अनुभव व योगदान देखते हुए आईबी का प्रमुख चुना गया है।
- विज्ञापन -