लिबरल गिरोह दोबारा सक्रिय, EVM पर लगातार फैला रहा है अफवाह, EC दे रही करारा जवाब

इन्हीं सवालों के कारण उत्तर प्रदेश, चंदौली में हुई घटना पर निर्वाचन आयोग ने सफाई दी है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए यह सुनिश्चित किया कि ईवीएम कड़ी सुरक्षा में हैं। आयोग ने अपनी ओर से हर घटना पर अलग-अलग जवाब दिए।

उत्तर प्रदेश में मतदान के चौथे चरण के बाद दूसरे दिन सिटी मजिस्ट्रेस समेत प्राइवेट गाड़ी में ईवीएम और वीवीपैट मिलने के कारण नेताओं ने खूब हंगामा किया था। मौक़े पर ड्राइवर के भाग जाने के कारण मामले ने भी काफ़ी तूल पकड़ा। हालाँकि सूचना मिलते ही डीएम मौक़े पर पहुँचे और नेताओं की उपस्थिति में हुई जाँच में साफ़ हो गया कि दूर के क्षेत्रों से मशीनें आने में देरी हुई है। इसके अलावा भड़के नेताओं को शांत कराने के लिए मशीनों को उनके सामने चेक भी किया गया, सारी मशीनें वैसी थीं जिनका उपयोग नहीं हुआ था।

इस पूरी घटना की खबर को दैनिक भास्कर ने 30 अप्रैल को अपने वेबसाइट पर प्रकाशित किया। लेकिन बावजूद इसका संज्ञान लिए चुनाव परिणाम का दिन नजदीक होने के कारण मामले को उछाला गया। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री ने 20 मई को अपने ट्विटर पर लिखा, “देशभर में मतगणना केंद्रों के आसपास इवीएम खुली गाड़ियों में पकड़ी जा रही हैं। जनता पकड़ रही है…लेकिन ख़ुद को पत्रकार कहने वाले बड़े-बड़े लोग आँख मूँदकर बैठे है …. उन्हें इंतज़ार है कि इस हेराफेरी से मोदी जीते तो ये फिर इवीएम पर सवाल उठाने वालों पर भौंकना शुरू करें।”

मनीष सिसोदिया के इस ट्वीट पर जब वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश कुमार सिंह ने उन्हें जवाब दिया और बताया, “पत्रकार आँख मूंद कर नहीं बैठे हैं, बल्कि पड़ताल कर रहे हैं और फिर अफवाहों का खंडन भी!” उन्होंने दैनिक भास्कर का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कहा, “आप खुद देख लीजिए, आपके सहयोगियों के आरोप और सच्चाई में कितना बड़ा फर्क है!”

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इस पर मनीष सिसोदिया भी शांत नहीं बैठे, उन्होंने सबूत देखे और ब्रजेश कुमार पर निशाना साधते हुए फिर एक ट्वीट किया। उन्होंने भास्कर के स्क्रीनशॉट पर कहा, “अपने चैनल पर भी ज़रा इस सच को दिखा दीजिए..सिर्फ़ दैनिक भास्कर की वेबसाईट पर सच क्यूँ? सारन, फगवाड़ा, चंदौली, मेरठ, फ़तेहाबाद, सकलडीह, ग़ाज़ीपुर में अपनी पड़ताल का सच भी बता दीजिए… उम्मीद है 23 से पहले आपकी पड़ताल पूरी हो जाएगी। बॉक्स में महोबा वाली ख़बर का सच भी बता दीजिएगा।”

मनीष सिसोदिया की लीक पर चलते हुए स्वरा भास्कर ने भी ट्विटर पर निर्वाचन आयोग से जवाब माँगा है। उन्होंने पूछा है कि ये सब क्या हो रहा है। उनके मुताबिक बिहार से लेकर हरियाणा तक हर जगह ईवीएम की मशीनें मिल रही हैं।

इन्हीं सवालों के कारण उत्तर प्रदेश, चंदौली में हुई घटना पर निर्वाचन आयोग ने सफाई दी है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए यह सुनिश्चित किया कि ईवीएम कड़ी सुरक्षा में हैं। आयोग ने अपनी ओर से हर घटना पर अलग-अलग जवाब दिए। उत्तर प्रदेश गाजीपुर मामले में चुनाव आयोग ने बता दिया है कि स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर प्रत्याशियों द्वारा जो सवाल खड़े किए गए थे, उन्हें सुलझा लिया गया है।

चुनाव आयोग के अनुसार, हर काउंटिंग सेंटर पर ईवीएम और VVPAT मशीन को राजनीतिक दलों के सामने वीडियोग्राफी करके सुरक्षित रखा गया है। आयोग के मुताबिक, ईवीएम जिस जगह पर ये सभी हैं, वहाँ पर सीसीटीवी कैमरे की भी पूरी व्यवस्था है। सुरक्षा के लिए CPAF की तैनाती है, प्रत्याशियों को भी स्ट्रॉन्ग रूम में जाने की अनुमति दी गई है। ऐसे में किसी तरह का गलत आरोप लगाना निराधार है।

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