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‘बाहर निकल कर सबूत नष्ट कर सकते हैं मनीष सिसोदिया’: CBI ने कोर्ट में किया जमानत अर्जी का विरोध, AAP नेता ने कहा था – पत्नी की देखभाल करनी है

मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि सिसोदिया को जमानत मिलने के बाद सबूतों को नष्ट किया जा सकता है, जिससे जाँच प्रभावित हो सकती है।

दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी पर मंगलवार (21 फरवरी, 2023) को सुनवाई हुई। राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सिसोदिया की जमानत का विरोध किया। मनीष सिसोदिया ने अपने जमानत अर्जी में पत्नी की बीमारी का हवाला दिया है। वहीं मनीष सिसोदिया के वकील दयाल कृष्णन ने सीबीआई की जाँच पर सवाल उठाया।

मनीष सिसोदिया की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि सिसोदिया को जमानत मिलने के बाद सबूतों को नष्ट किया जा सकता है, जिससे जाँच प्रभावित हो सकती है। सीबीआई के तरफ से कहा गया कि सिसोदिया ने लगातार सबूत नष्ट करने का काम किया है। सीबीआई के वकील डीपी सिंह ने अदालत को जानकारी दी कि सिसोदिया ने पूछताछ के दौरान फोन अपडेट करने के लिए नष्ट करने की बात कही थी जबकि उन्होंने चैट (सबूतों) को नष्ट करने के लिए फोन नष्ट किए।

दूसरी तरफ मनीष सिसोदिया के वकील दयाल कृष्णन ने जमानत माँगते हुए कहा कि उनकी पत्नी बीमार हैं। सिसोदिया की बीमार पत्नी की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। बेटा विदेश में पढ़ाई कर रहा है इसलिए पूर्व डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी है कि वे अपनी पत्नी की देखभाल करें। मनीष सिसोदिया की तरफ से कहा गया कि उन्होंने सीबीआई की जाँच और पूछ ताछ में पूरा सहयोग किया है। इसलिए मनीष सिसोदिया को हिरासत में रखकर पूछताछ की जरूरत नहीं है।

सीबीआई की तरफ से एलजी द्वारा एजेंसी को जाँच सौंपे जाने वाले दिन ही फोन बदले जाने को लेकर सवाल उठाया गया। इस पर कृष्णन ने कहाकि एलजी द्वारा मामले को सीबीआई को सौंपे जाने वाले दिन ही फोन बदला जाना सिर्फ एक संयोग है। कोर्ट में अब मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को दोपहर 2 बजे होगी। बता दें कि आबकारी घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया को पहले सीबीआई ने गिरफ्तार किया। इसके बाद ईडी ने भी उन्हें हिरासत में ले लिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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