Wednesday, April 1, 2020
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‘मेट्रो मैन’ श्रीधरन ने जताई दिवालियेपन की चिंता, सिसोदिया ने जवाब में लिखे अपने ‘तर्क’

दिल्ली मेट्रो के सलाहकार श्रीधरन द्वारा लिखी चिट्ठी पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जवाब दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

दिल्ली मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक और ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन ने मेट्रो में महिलाओं को मुफ़्त यात्रा की सुविधा देने की आम आदमी पार्टी सरकार की पहल को मेट्रो के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि छूट की राशि सीधे महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की जाए। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिखी।

दिल्ली मेट्रो के सलाहकार श्रीधरन द्वारा लिखी चिट्ठी पर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जवाब में लिखा, “मुझे आश्चर्य के साथ-साथ आपकी चिट्ठी पर दुख भी है, जिसमें आपने मेट्रो में महिलाओं को फ्री यात्रा का खर्च दिल्ली सरकार द्वारा उठाने के प्रस्ताव का विरोध किया है।”

अपनी चिट्ठी में सिसोदिया ने यह तर्क दिया कि मेट्रो की कुल क्षमता प्रतिदिन 40 लाख यात्रियों की है, लेकिन DMRC के अनुसार, फ़िलहाल औसतन राइडरशिप 25 लाख है। सिसोदिया ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दिल्ली मेट्रो अपनी कुल क्षमता का 65 फ़ीसदी ही काम कर रही है, जो कि एक कंपनी की गुणवत्ता और परफॉर्मेंस के लिए बहुत ख़राब है।

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अपनी चिट्ठी में मनीष सिसोदिया ने यह दावा किया कि दिल्ली सरकार के प्रस्ताव के बाद मेट्रो में महिला यात्रियों की संख्या में इज़ाफ़ा होगा, इससे मेट्रो की क्षमता 90 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। उन्होंने लिखा कि उनकी सरकार के प्रस्ताव के बाद भी दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की रोज़मर्रा की राइडरशिर मात्र 3 लाख यात्री प्रतिदिन बढ़ेगी, जबकि मेट्रो के डिज़ाइन के हिसाब से कुल क्षमता 40 लाख यात्रियों की है।

उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने मेट्रो के किराये को लेकर भी कुछ बातें अपनी चिट्ठी में लिखींं। उन्होंने लिखा कि दिल्ली मेट्रो किसी भी सार्वजनिक यातायात माध्यमों में सबसे महँगी है। श्रीधरन को लिखी चिट्ठी में सिसोदिया ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की है और लिखा, “हमारा मक़सद दिल्ली मेट्रो की कार्यप्रणाली में दखल देना नहीं है बल्कि हमने दिल्ली मेट्रो के सभी प्रोजेक्ट के साथ-साथ उसे बढ़ाने में तत्परता दिखाई है जिसे वर्षों तक लटका कर रखा गया।”

सिसोदिया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनकी सरकार मेट्रो को महिलाओं के लिए फ्री नहीं कर रही है बल्कि DMRC से मेट्रो में यात्रा करने वाली दिल्ली की महिलाओं के लिए टिकट बड़ी तादाद में एक साथ ख़रीद रही है, जिससे महिलाओं को मेट्रो में सुरक्षित यात्रा का मौक़ा मिल सके।

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