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‘असम को प्यार करने वाला हर व्यक्ति आहत है’: अजमल को PM मोदी ने घेरा, गमोसा का अपमान करते दिखे थे AIUDF के मुखिया

“कल पूरे असम ने देखा है कि कैसे असम की पहचान, असम की बहनों के श्रम के प्रतीक, गमोसा का सरेआम अपमान किया गया। असम को प्यार करने वाला हर व्यक्ति, इन तस्वीरों को देखकर बहुत आहत है, गुस्से में है। इस अपमान की सजा कॉन्ग्रेस को तो मिलेगी ही, पूरे महाझूठ को मिलेगी।”

असम में विधानसभा चुनावों के बीच एक चुनावी रैली में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने असम के सांस्कृतिक प्रतीक ‘गमोसा’ का अपमान किया। रैली में अजमल गमोसा को फेंकते नजर आए। इसके बाद AIUDF मुखिया की हर जगह आलोचना शुरू हो गई। आज प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस हरकत पर अजमल को घेरा। उन्होंने कहा कि इससे लोगों की भावनाएँ आहत हुई है और उनमें गुस्सा है।

बता दें कि कल मौलाना बदरुद्दीन अजमल, नगरबेरा में एक रैली के दौरान अपने ही पार्टी कार्यकर्ता पर नाराज होते दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने गमोसा को कार्यकर्ता पर फेंका। यह उन्हें अभिवादन में दिया गया था, मगर कार्यकर्ता से नाराज होते ही वह सार्वजनिक तौर पर इसका अपमान करने से नहीं चूके।

रिपोर्ट्स के अनुसार, रैली में हो रही बेवजह की देरी से अजमल अपने कार्यकर्ता से नाराज थे। उन्हें चिंता थी कि अगर रैली में ही देर हो गई तो उनका हेलीकॉप्टर मौसम के कारण टेक ऑफ नहीं कर पाएगा।

बता दें कि गमोसा असम के लिए लोगों के लिए सिर्फ़ कोई कपड़े का टुकड़ा नहीं है। इससे उनकी सांस्कृतिक पहचान जुड़ी हुई है। हाल में पीएम मोदी इसे धारण किए नजर आए थे। उनके कारण इसे राष्ट्रीय प्रसिद्धि भी मिली। 

इस गमछे के तीन किनारे लाल रंग के होते हैं और चौथे किनारे पर स्थानीय और प्राकृतिक कलाकृतियाँ बनी होती हैं। इसमें चित्रकारी लाल रंग की होती है। इसे खास त्योहारों पर पहना जाता है।

गमोसा की इतनी महत्ता के कारण ही अजमल की हरकत को असमिया संस्कृति का अपमान कहा जा रहा है। भाजपा ने भी इसे शेयर कर AIUDF और कॉन्ग्रेस के गठबंधन पर सवाल उठाया है। मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ट्वीट करके कहा कि ये गठबंधन असम की संस्कृति और धरोहर को अपमानित करने के लिए हुआ है।

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी गमोसा के निरादर पर अजमल को घेरा। वहीं पीएम मोदी ने आज कोकराझार में कहा, “कल पूरे असम ने देखा है कि कैसे असम की पहचान, असम की बहनों के श्रम के प्रतीक, गमोसा का सरेआम अपमान किया गया। असम को प्यार करने वाला हर व्यक्ति, इन तस्वीरों को देखकर बहुत आहत है, गुस्से में है। इस अपमान की सजा कॉन्ग्रेस को तो मिलेगी ही, पूरे महाझूठ को मिलेगी।”

उल्लेखनीय है कि ये पहली बार नहीं है जब बदरुद्दीन अजमल को इस तरह गुस्से में देखा गया हो। इससे पहले वह रिपोर्टर पर बूम माइक फेंकते नजर आए थे। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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