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‘राजनीति के लिए नेताओं ने 70 साल बनाए रखा, 370 को हटाकर देश में समानता लाने की कोशिश की गई’

मौलाना सैफ़ अब्बास ने कहा कि अनुच्छेद-370 को पहले ही हटा दिया जाना चाहिए था। राजनीति करने वाले नेताओं ने निजी स्वार्थों के लिए 70 साल तक इसे अस्तित्व में बनाए रखा गया। अनुच्छेद-370 को हटाकर देश में एक समानता लाने की कोशिश की गई है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का मौलाना सैफ़ अब्बास ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अनुच्छेद-370 की वजह से एक मुल्क़ में रहते हुए भी हम अजनबी थे। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि एक हिन्दुस्तान का नागरिक अगर हिन्दुस्तान की ही दूसरी जगह पर जाकर प्रॉपर्टी नहीं ख़रीद सकते और बिज़नेस नहीं कर सकता था तो ये चीज़ें सोचने वाली हैं।

मौलाना सैफ़ अब्बास ने कहा कि अनुच्छेद-370 को पहले ही हटा दिया जाना चाहिए था। राजनीति करने वाले नेताओं ने निजी स्वार्थों के लिए 70 साल तक इसे अस्तित्व में बनाए रखा गया। अनुच्छेद-370 को हटाकर देश में एक समानता लाने की कोशिश की गई है, जिसमें किसी के साथ भेदभाद किए जाने जैसी बातों को ख़त्म कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस भेदभाव वाली राजनीति के ख़त्म होने से केवल उन्हीं लोगों को दु:ख होगा जो भेदभाव वाली राजनीति करते थे। मौलाना अब्बास ने यह भी कहा कि हिन्दुस्तान एक है, संविधान एक है तो सब कुछ एक होना चाहिए। आगे भी ऐसे काम होते रहने चाहिए जिससे भेदभाव ख़त्म किया जा सके जिससे देश में एकता नज़र आए।

कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मौलाना सैफ़ अब्बास ने कहा कि देश में अगर भेदभाव होगा तो उसका नुक़सान भी देश को ही होगा। ग़ौरतलब है कि अनुच्छेद-370 को ख़त्म करने का संकल्प पेश करने के साथ ही बीजेपी में ख़ुशी का माहौल है। देश भर के लगभग हर हिस्से में ख़ुशी मनाई जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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