Friday, July 30, 2021
Homeराजनीतिअंतरिम बजट में मध्यम वर्ग को मिल सकता है बड़ा तोहफा

अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग को मिल सकता है बड़ा तोहफा

इस बजट में होम लोन के ब्याज में भी छूट दी जा सकती है। सरकार पेंशनधारी बुजुर्गों को भी टैक्स छूट देने पर विचार कर रही है।

1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली संसद में साल 2019 के लिए अंतरिम बजट पेश करने जा रहे हैं। मोदी सरकार द्वारा आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की घोषणा के बाद अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बजट में मध्यम वर्ग के लिए पिटारा खोला जा सकता है। बता दें कि ये पूर्णकालिक बजट नहीं होगा बल्कि अंतरिम बजट होगा। इस साल होने वाले चुनावों के बाद जो सरकार जीत कर आएगी उसके द्वारा इस वित्त वर्ष के ख़त्म होने तक का बजट पेश किया जाएगा। इस बजट में किसानों के लिए भी बहुत कुछ रहने की उम्मीद है, वहीं छोटे औद्योदिक इकाइयों के लिए भी अहम घोषणाएँ किए जाने की संभावना है।

वित्त मंत्रालय के भीतर लगातार इस बात पर चर्चा जारी है की अंतरिम बजट का स्वरूप क्या होगा। इस बजट से मोदी सरकार की आगे की नीतियों के बाजरे में भी बहुत कुछ पता चलने की उम्मीद है। कुल मिला कर देखा जाये तो चुनावों से तीन महीने पहले आ रहे इस बजट में आम लोगों के लिए बहुत कुछ होगा। विश्लेषकों का मानना है कि इस बजट में किसानों के लिए एक ख़ास पैकेज की घोषणा भी की जा सकती है।

एक सप्ताह पहले दिए अपने एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि हमे मध्यम वर्ग के प्रति अपनी सोच और नजरिया बदलने की जरूरत है। नवभारत टाइम्स ने अपने गोपनीय सूत्रों के हवाले से बताया;

“पिछले चार बजट में हमने सैलरीड क्लास को राहत दी, क्योंकि वे देश के सबसे ईमानदार टैक्सपेयर्स हैं। अंतरिम बजट की सीमाओं के भीतर हम इस बार भी जितना अधिक कर सकते हैं करेंगे।”

इसके अलावे इनकम टैक्स छूट की सीमा भी बढ़ाए जाने की सम्भावना है। इस से सैलरीड मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। उनके लिए बचत सीमा भी बढ़ाई जाएगी। सैलरीड मध्यम वर्ग को आय कर में मिलने वाली छूट इस बजट की हाईलाइट होगी। इन सब के अलावे कई सारी वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी भी घटाए जाने की सम्भावना है। साथ ही, इस बजट में होम लोन के ब्याज में भी छूट दी जा सकती है। सरकार पेंशनधारी बुजुर्गों को भी टैक्स छूट देने पर विचार कर रही है।

इस से पहले 2014 में चिदंबरम और 2009 में प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री रहते हुए अंतरिम बजट पेश किया था और दोनों में ही काफी लोक-लुभावन घोषणाएँ की गई थी। ये दोनों बजट भी चुनावी वर्ष में ही पेश हुए थे और नई सरकार आने के बाद पूर्ण बजट पेश किया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

20 से ज्यादा पत्रकारों को खालिस्तानी संगठन से कॉल, धमकी- 15 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के CM को नहीं फहराने देंगे तिरंगा

खालिस्तान समर्थक सिख फॉर जस्टिस ने हिमाचल प्रदेश के 20 से अधिक पत्रकारों को कॉल कर धमकी दी है कि 15 अगस्त को सीएम तिरंगा नहीं फहरा सकेंगे।

‘हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेजी’: PM मोदी के खिलाफ पोस्टर पर 25 FIR, रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना वाले पोस्टर चिपकाने को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,052FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe