Monday, July 26, 2021
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राफेल विवाद: कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने वायुसेना प्रमुख को बताया ‘झूठा’

वायुसेना प्रमुख बीरेंद्र सिंह धनोआ ने राफेल सौदे पर शीर्ष अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए रक्षा खरीद को राजनीतिकरण न करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने राफेल को गेम चेंजर भी बताया

राफेल सौदे के मामले में केंद्र सरकार को शीर्ष अदालत द्वारा मिली क्लीन चिट के बाद तिलमिलाई कांग्रेस ने वायुसेना प्रमुख को ही झूठा बता दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने कल हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बीएस धनोआ झूठ बोल रहे हैं और सच को दबा रहे हैं। ज्ञात हो कि वायुसेना प्रमुख ने राफेल सौदे पर शीर्ष अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए रक्षा खरीद के राजनीतिकरण न करने की सलाह दी थी। साथ ही उन्होंने राफेल को गेम चेंजर भी बताया था। उन्होंने कहा था;

“सुप्रीम कोर्ट ने बहुत अच्छा फैसला दिया है। उसने यह भी कहा कि इस विमान की सख्त जरूरत है। जहां तक प्रौद्योगिकी की बात है तो राफेल विमान के खिलाफ कोई तर्क नहीं है। कौन कहता है कि हमें रफाल की जरूरत नहीं है? रफाल हमारी सेना की सबसे बड़ी जरूरत है और यह गेम चेंजर एयरक्राफ्ट है.”

विदित हो कि पिछले महीने में भी वायुसेना अधिकारीयों ने शीर्ष अदालत में राफेल सौदे के मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा था कि भारत को राफेल जैसे पांचवीं पीढ़ी के अत्याधुनिक विमान की दरकार है, जो दुश्मन के रडार और निगरानी उपकरणों को चकमा दे सकें।

यूपीए कार्यकाल के दौरान केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रहे वीरप्पा मोइली ने एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ के इसी बयान को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने वायुसेना प्रमुख पर सीधा हमला करते हुए कहा;

“राफेल सौदे पर हस्ताक्षर से पहले वायुसेना प्रमुख और दसौल्ट एविएशन के प्रमुख हल (एच.ए.एल) के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय गए थे और उन्होंने एचएएल को आवश्यक विशेषज्ञता के साथ सक्षम निकाय करार दिया था। आज, यह कहना कि शीर्ष अदालत का फैसला ठीक है, मुझे लगता है कि वायुसेना प्रमुख ठीक नहीं हैं। वह ठीक नहीं हैं, वह झूठ बोल रहे हैं। वह सच को दबा रहे हैं। सच को दबाने में वह भी एक पक्ष हैं।”

बाद में मोइली अपने इस बयान से पलट गए और सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने वायुसेना प्रमुख को झूठा नहीं कहा बल्कि सिर्फ सवाल पूछा था। उधर मोइली के बयान की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अगस्ता-वेस्टलैंड घोटाले का बिना नाम लिए कहा कि कांग्रेस की निराशा चरम पर पहुँच गई है क्योंकि अभी की सरकार तेजी से भ्रष्टाचार की जांच कर रही है। उन्होंने कहा;

“मोइली जैसे वरिष्ठ नेता की टिप्पणी कांग्रेस को पूरी तरह बेनकाब करती है। उन्होंने वायुसेना प्रमुख का नाम लिया है। यह दर्शाता है कि उसकी (कांग्रेस की) निराशा चरम पर पहुंच गयी है और सरकार जिस रफ्तार से भ्रष्टाचार की जांच कर रही है, उससे वह पूरी तरह बिखर गयी है।”

वहीं भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने मोइली के इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता की टिप्पणी से न सिर्फ वायुसेना प्रमुख का निजी तौर पर अपमान हुआ है, बल्कि देश का भी अपमान हुआ है। बता दें कि वीरप्पा मोइली को संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी के करीबी सलाहकारों में से एक माना जाता रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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