Thursday, May 30, 2024
Homeराजनीति'सिख कॉन्स्टेबल की हत्या करने वाले को आप क्या कहेंगे?': पंजाब के सांसद ने...

‘सिख कॉन्स्टेबल की हत्या करने वाले को आप क्या कहेंगे?’: पंजाब के सांसद ने भगत सिंह को फिर बताया ‘आतंकवादी’, कहा – सिखों का हो अलग मुल्क

SAD के अमृतसर संभाग के प्रमुख ने कहा कि सिखों के लिए अलग मुल्क होना चाहिए और वो खालिस्तान को समर्थन जारी रखेंगे।

पंजाब के संगरूर से ‘शिरोमणि अकाली दल’ के नए सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि वो भगत सिंह को ‘आतंकवादी’ बताने के अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा खाली किए गए सीट पर हुए उपचुनाव में जीत के बाद सोमवार (18 फरवरी, 2022) को दिल्ली के संसद भवन में सांसद की शपथ ली। उन पर निशाना साधते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि शुरुआत से ही सिमरनजीत सिंह मान का चरित्र इसी प्रकार का रहा है।

उन्होंने याद किया कि कैसे इससे पहले जीतने के बाद उन्होंने शपथ लेने से ही इनकार कर दिया था। 77 वर्षीय सिमरनजीत सिंह मान ने ये भी कहा कि सिखों के लिए अलग मुल्क होना चाहिए। उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष में 3 अन्य नव-निर्वाचित सांसदों के साथ शपथ दिलाई गई। इसका पंजाब कॉन्ग्रेस ने विरोध किया। सिमरनजीत सिंह मान ने विदेश एवं रक्षा मामलों पर संसद की स्थायी समिति का सदस्य बनाए जाने की माँग भी स्पीकर से की।

वहीं देश के लिए बलिदान देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी को लेकर उन्होंने कहा, “भगत सिंह ने एक युवा अंग्रेज नौसेना अधिकारी की हत्या कर दी थी। उन्होंने एक अमृतधारी सिख कॉन्स्टेबल की हत्या की थी। आप उस शख्स को क्या कहेंगे जिसने संसद में बम फेंका? मुझे बताइए, उन्हें क्या कहेंगे आप?” SAD के अमृतसर संभाग के प्रमुख ने कहा कि सिखों के लिए अलग मुल्क होना चाहिए और वो खालिस्तान को समर्थन जारी रखेंगे।

उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान जैसी परमाणु संपन्न शक्तियों के बीच खालिस्तान जैसा एक ‘बफर स्टेट’ होना ही चाहिए। उन्होंने पूछा लद्दाख में चीन क्या कर रहा है? अपनी जीत को खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरवाला को समर्पित कर चुके सिमरनजीत सिंह मान के विरोध में AAP और कॉन्ग्रेस, दोनों उतरी हुई है। हालाँकि, वो एक तरफ देश की अखंडता की संसद में शपथ ले रहे हैं, दूसरी तरफ बाहर देश तोड़ने की बात कर रहे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

200+ रैली और रोडशो, 80 इंटरव्यू… 74 की उम्र में भी देश भर में अंत तक पिच पर टिके रहे PM नरेंद्र मोदी, आधे...

चुनाव प्रचार अभियान की अगुवाई की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने। पूरे चुनाव में वो देश भर की यात्रा करते रहे, जनसभाओं को संबोधित करते रहे।

जहाँ माता कन्याकुमारी के ‘श्रीपाद’, 3 सागरों का होता है मिलन… वहाँ भारत माता के 2 ‘नरेंद्र’ का राष्ट्रीय चिंतन, विकसित भारत की हुंकार

स्वामी विवेकानंद का संन्यासी जीवन से पूर्व का नाम भी नरेंद्र था और भारत के प्रधानमंत्री भी नरेंद्र हैं। जगह भी वही है, शिला भी वही है और चिंतन का विषय भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -