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ममता को बड़ा झटका: TMC के 3 विधायक और कई पार्षद आज होंगे BJP में शामिल!

विधायक शुभ्रांशु रॉय को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 6 साल के लिए TMC से सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद सुभ्रांशु ने बीजेपी में शामिल होने के लिए...

लोकसभा चुनाव में मिले झटके के बाद आज (मई 28, 2019) ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लग सकता है। खबर के मुताबिक, ममता की पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) से हाल ही में सस्पेंड हुए मुकुल रॉय के बेटे और विधायक सुभ्रांशु रॉय भाजपा में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि सिर्फ शुभ्रांशु ही नहीं, बल्कि उनके साथ 2 और विधायक तथा कई अन्य पार्षद भीभाजपा में शामिल हो सकते हैं।

मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय को शुक्रवार (मई 24, 2019) को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। जिसके बाद सुभ्रांशु ने बीजेपी में शामिल होने का मन बना लिया है। बता दें कि, सुभ्रांशु के पिता मुकुल रॉय ने साल 2017 में तृणमूल कॉन्ग्रेस का दामन छोड़ बीजेपी का झंडा थाम लिया था और अब उसी राह पर चलते हुए सुभ्रांशु रॉय भी मोदी नाम के नारे को बुलंद करने वाले हैं। सुभ्रांशु के अलावा नोआपारा से विधायक सुनील सिंह और बैरकपुर के विधायक शीलभद्र दत्ता मुकुल रॉय के साथ दिल्ली पहुँच चुके हैं। इन तीनों नेताओं के आज शाम 4 बजे बीजेपी दफ्तर में पार्टी में शामिल होने की खबर है।

गौरतलब है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बंगाल में बड़ी सफलता हासिल की है। साल 2014 में मात्र 2 सीटों पर सिमटी भाजपा ने इस बार 18 सीटों पर जीत हासिल की। इस जीत में मुकुल रॉय का बड़ा रोल बताया जा है। इनकी रणनीतियों ने भाजपा को बड़ी कामयाबी दिलाने में बड़ा योगदान दिया है।

वहीं, बीजेपी की बड़ी सफलता से बौखलाई हुई ममता बनर्जी ने पार्टी से इस्तीफा देने का नाटक किया। इस बारे में बात करते हुए मुकुल रॉय कहते हैं कि ये सब ममता बनर्जी के नाटक के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने ये सब कुछ केवल समाचार की सुर्खियों में बने रहने के लिए किया। वो खुद ही पार्टी (टीएमसी) हैं। रॉय ने कहा कि उन्होंने (ममता) खुद को ही इस्तीफा दिया और फिर खुद ही खारिज भी कर दिया। किसी ने भी उनके इस्तीफे के कागजात नहीं देखे। वो कहते हैं कि ममता को सत्ता और पावर से बहुत प्यार है और वो कभी भी अपने मन से इस्तीफा नहीं देंगी। वो तभी सत्ता को छोड़ेंगी, जब पश्चिम बंगाल की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करके उन्हें बाहर निकाल फेंकेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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