CAB पर जुमे की नमाज के बाद कई जगह पत्थरबाज़ी, आगजनी और हिंसा की खबरें

"उग्र मुस्लिम प्रदर्शनकारी अचानक रेलवे स्टेशन के परिसर में आ घुसे और उन्होंने प्लेटफार्म, दो तीन मंजिले भवनों और रेलवे कार्यालयों में आग लगा दी। जब आरपीएफ कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तब उन्हें भी बुरी तरह पीटा गया।"

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को बेलडांगा स्टेशन में आग लगा दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने वहाँ तैनात आरपीएफ कर्मियों के साथ मारपीट भी की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कहा जा रहा है कि CAB को लेकर जिले में कई मुस्लिम (अल्पसंख्यक) संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ आरपीएफ अधिकारी ने कहा, “उग्र मुस्लिम प्रदर्शनकारी अचानक रेलवे स्टेशन के परिसर में आ घुसे और उन्होंने प्लेटफार्म, दो तीन मंजिले भवनों और रेलवे कार्यालयों में आग लगा दी। जब आरपीएफ कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तब उन्हें भी बुरी तरह पीटा गया।” उन्होंने यह भी कहा कि इस विरोध प्रदर्शन से ट्रेन सेवाएँ बाधित हो गई है।

बता दें कि मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा एक जिला है। जहाँ आज जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। साथ ही पश्चिम बंगाल से पुलिस बल पर पत्थरबाजी और आगजनी की खबर भी आ रही है। प्रदर्शनकारिओं ने कई जगह टायर जलाकर सड़क जाम किया तो कई जगह सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया।

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इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सहारनपुर की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद नमाजियों ने केंद्र सरकार के विरोध में CAB के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बैनर-पोस्टर भी लहराए। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भारत धर्मनिरपेक्ष देश है और नागरिकता संशोधन बिल सभी धर्मों के लिए नहीं है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलवी फरीद समेत कई मुस्लिम वर्ग के लोगों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा तथा प्रदर्शनकारियों ने जमकर बवाल काटा।  

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने तत्काल ही बेहट, मिर्जापुर, गंगोह के अलावा सहारनपुर नगर में फ्लैग मार्च किया गया और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

गौरतलब है कि लोकसभा और राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के बाद से फैले भ्रम के कारण इसका कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। कई संस्थाए और लोग इसे जबरदस्ती मुस्लिम विरोधी या मुसलमानों की नागरिकता छीनने वाला कानून बता कर दूसरों को डरा और बरगला रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम बंगाल में हजारों लोग नागरिकता संशोधित कानून के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन के लिए उतर आए। यहाँ के हावड़ा जिले में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-6 को ब्‍लाक कर दिया गया। ये राजमार्ग ही कोलकाता को देश के बाकी हिस्‍सों से जोड़ता है।

आज दिल्ली में भी जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने CAB खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया था। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने गुवाहाटी में विरोध प्रदर्शन किया। कर्नाटक के कलबुर्गी शहर में धारा 144 लगाई गई है, जिसमें शुक्रवार की नमाज और डीसी कार्यालय परिसर शामिल नहीं हैं। यह शुक्रवार को शाम 6 बजे तक लागू रहेगी।

CAB का पूर्वोत्तर में जमकर विरोध किया जा रहा है। असम के कई इलाकों में भी उग्र प्रदर्शन जारी है। इस प्रदर्शन में कई सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया जा रहा है। कल भाजपा नेता का घर और ऑफिस में भी आगजनी की गई थी। कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया है। पूर्वोत्तर के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में भी जामिया के छात्रों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है।

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