Saturday, July 20, 2024
Homeराजनीति'दिन में ऑटो से सफर, रात ₹10 लाख भाड़ा वाले होटल में गुजारते थे...

‘दिन में ऑटो से सफर, रात ₹10 लाख भाड़ा वाले होटल में गुजारते थे अरविंद केजरीवाल’: नवीन जिंदल का दावा, Video में दिखाए ठाठ वाला महाराजा सुईट

"भोली-भाली जनता के सामने ढीली सी शर्ट पहनकर अपने आप को 'आम आदमी' और 'कट्टर ईमानदार' कहने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री की सच्चाई देखिए। गुजरात चुनाव में जनता के सामने ऑटो में घूमने वाले रात को पाँच सितारा होटलों के महाराजा सुईट में रुकते थे, जिसका एक दिन का किराया ₹8 से ₹10 लाख था।"

आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ठाठ को लेकर एक चैंकाने वाला दावा नवीन जिंदल ने किया है। दिल्ली बीजेपी के पूर्व नेता जिंदल ने बताया है कि गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल दिन में ऑटो में घूमने का ड्रामा करते थे, जबकि ठहरते महाराजा सुईट में थे। उनके अनुसार इस सुईट का किराया 8-10 लाख रुपए प्रतिदिन आता है।

नवीन जिंदल ने यह दावा एक्स/ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर लगाया है। उन्होंने लिखा है, “भोली-भाली जनता के सामने ढीली सी शर्ट पहनकर अपने आप को ‘आम आदमी’ और ‘कट्टर ईमानदार’ कहने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री की सच्चाई देखिए। गुजरात चुनाव में जनता के सामने ऑटो में घूमने वाले रात को पाँच सितारा होटलों के महाराजा सुईट में रुकते थे, जिसका एक दिन का किराया ₹8 से ₹10 लाख था।”

आगे उन्होंने लिखा है, ” शीशमहल में रहने वाले केजरीवाल जी दिल्ली के टैक्सपेयर के पैसों को अपनी मौज-मस्ती और ऐशोआराम पर उड़ाते हो और जनता से झूठ बोलते हो। मेरी अरविंद केजरीवाल जी को खुली चुनौती है अगर वे तनिक भी ईमानदार है तो किसी भी सार्वजनिक मंच आ जाइए या मुझको बुलाइए। मैं सारे दस्तावेज लेकर आऊँगा बहस के लिए।”

नवीन जिंदल ने वीडियो में बताया है कि ‘महाराजा सुईट’ में एक प्राइवेट स्वीमिंग पूल भी है और अरविंद केजरीवाल इसमें अपने ‘दोस्तों’ के साथ नहाना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक आम आदमी हूँ जिसके नाम पर अरविंद केजरीवाल जी टैक्स वसूल कर ₹8-10 लाख अपने और अपने निजी सचिव वैभव कुमार के लिए खर्च करते हैं।” उन्होंने केजरीवाल पर दोहरे चरित्र पर प्रश्न उठाते हुए कहा है, “₹10 लाख रुपए के कमरे में रुके और बाहर निकल कर बैठे ₹80 देकर थ्री व्हीलर में? देश की जनता को क्या समझते हो? अब समझ में आया कि आपने अपने घर में करोड़ों लाखों के परदे कैसे लगा लिए?”

नवीन जिंदल ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने 40 दिनों तक प्रचार किया और उस दौरान होटल में रुके। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोगों के पास खाने को नहीं है, सरकारी कर्मचारियों को समय पर तनख्वाह नहीं मिल रही और स्कूल खस्ताहालत में है, क्योंकि पैसा नहीं है। नवीन जिंदल ने उनके आरोपों को गलत सिद्ध करने की चुनौती भी अरविन्द केजरीवाल को दी।

सामने आ चुका है केजरीवाल का शीशमहल

इससे पहले केजरीवाल के बंगले के बारे में सनसनीखेज जारी सामने आई थी। टाइम्स नाऊ की एक रिपोर्ट बताती है कि केजरीवाल ने दिल्ली के सिविल लाइन्स एरिया स्थित अपने 13,000 स्क्वायर फीट बड़े बंगले की साज-सज्जा में लगभग ₹45 करोड़ खर्च किए। टाइम्स नाऊ ने इससे सम्बंधित दस्तावेज भी दिखाए थे। इससे पता चला था कि एक-एक परदे तक पर ₹5-8 लाख रुपए खर्च किए गए। बंगले में लगाने के लिए पत्थर वियतनाम से मँगाए गए थे। 6 अलमारियों पर ₹40 लाख खर्चे किए गए थे।

गौरतलब है कि 2013 में दिल्ली में सरकार बनाने के पहले केजरीवाल कहा करते थे कि वह स्वयं और उनके मंत्री सरकारी बंगले नहीं लेंगे और छोटे सरकारी फ्लैट में रहेंगे। दस वर्षों के बाद उनके वादे जमीन पर उतरते नहीं दिख रहे और केवल राजनीतिक बयानबाजी ही सिद्ध हो रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फैक्ट चेक’ की आड़ लेकर भारत में ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने की तैयारी कर रहा अमेरिका, 1.67 करोड़ रुपए ‘फूँक’ तैयार कर रहा ‘सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स’...

अमेरिका कथित 'फैक्ट चेकर्स' की फौज को तैयार करने की योजना को चतुराई से 'डिजिटल लिटरेसी' का नाम दे रहा है, लेकिन इनका काम होगा भारत में अमेरिकी नरेटिव को बढ़ावा देना।

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -