Tuesday, June 25, 2024
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शरद पवार ने ‘कविता’ की आड़ में हिंदू देवताओं को दी गाली, मंच से बोले- ‘हम तुम्हारे भगवान के भी बाप हैं’

शरद पवार ने जवाहर राठौड़ की कविता का जिक्र करते हुए कहा, “हमने तो मूर्तियों को तराशा और लेकिन आपने केवल उन्हें मंदिरों के अंदर ही रखा और तुम साले हरामी हमें मंदिरों में प्रवेश भी नहीं करने देते?"

राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) एक बार फिर से विवादों में हैं। इस बार हिंदू देवी-देवताओं के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करने के लिए उनकी चौतरफा आलोचना हो रही है। महाराष्ट्र के सतारा में 9 मई को भारतीय जनजातीय अनुसंधान और विकास संस्थान (Indian Tribal Research and Development Institute) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शरद पवार को बतौर अतिथि आमंत्रित किया गया था।

इस दौरान वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए शरद पवार ने जवाहर राठौड़ की कविता का जिक्र किया। राठौड़ की कविता का हवाला देते हुए राकांपा प्रमुख ने कहा कि कैसे उन्होंने इसमें अपने पिछड़ी जाति से आने और लोगों द्वारा उनके साथ किए गए व्यवहार का वर्णन किया है। शरद पवार ने कहा, “हमने तो मूर्तियों को तराशा और लेकिन आपने केवल उन्हें मंदिरों के अंदर ही रखा और तुम साले हरामी हमें मंदिरों में प्रवेश भी नहीं करने देते?”

कार्यक्रम में शरद पवार कथित तौर पर निम्न जातियों के लोगों को मंदिरों में प्रवेश नहीं करने देने के लिए पुजारियों की आलोचना करने के लिए कवि जवाहर राठौड़ का हवाला दे रहे थे। पवार ने आगे कहा, “ब्रह्मा-विष्णु-महेश, इन हिंदू देवताओं को हमने छन्नी से और अन्य अपने औजारों का उपयोग करके बनाया है। हम तुम्हारे भगवान के भी बाप हैं, क्योंकि हम ने इन्हें तुम्हारा परमेश्वर बनाया है। इसलिए जवाहर राठौड़ ने एक कविता लिखी है, जिसमें कहा गया है कि हम अपने साथ हुए अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

आज के दौर में सदियों पुरानी छूआछूत और भेदभाव वाली प्रथाओं का जिक्र करके शरद पवार ने एक बार फिर अप्रत्यक्ष रूप से हिंदू धर्म की उच्च जातियों को निशाना बनाया है। हालाँकि, ऐसा पहली बार नहीं है, जब शरद पवार ने इस तरह का काम किया हो। दरअसल, वह महाराष्ट्र में विशेष रूप से ब्राह्मणों को निशाना बनाने के लिए जाने जाते हैं। कभी-कभी वह स्पष्ट रूप से ब्राह्मणों का नाम लेकर उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग भी करते हैं। शरद पवार ने यह भी कहा, “मुझे बस इतना कहना है कि दुर्व्यवहार, लोगों के साथ भेदभाव की प्रवृत्ति अभी भी हमारे समाज में है। आज भी हम सबके बीच एक ऐसा वर्ग है, जो रीति-रिवाजों, परंपराओं की आड़ में जाति और धर्म को लेकर नफरत के बीज बो रहा है।”

इस भाषण के लिए शरद पवार की आलोचना करते हुए, भाजपा नेता सुनील देवधर ने ट्वीट किया, “राकांपा प्रमुख शरद पवार ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है और हिंदू देवताओं को ‘साला’ कहकर उनके भक्तों को नीचा दिखाया है। इस हताश नेता ने यह कहकर केवल अपनी घृणा दिखाई है कि मैं तुम्हारे देवताओं का ‘बाप’ हूँ। इससे पहले कि लोग उनसे दूरी बना लें उन्हें राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए।”

बता दें कि सोशल मीडिया पर कई अन्य लोग इस बयान के लिए शरद पवार की आलोचना कर रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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