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बालासाहब को हत्यारा और नौकर बताने वाले अर्बन नक्सल को रिहा करो: CM उद्धव से NCP विधायक ने कहा

उद्धव ठाकरे से जिस सुधीर धावले को जेल से रिहा करने सिफारिश हो रही है, उसी धावले ने अपनी किताब में उद्धव के पिता और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को हिटलर की संज्ञा दी थी।

महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कॉन्ग्रेस की गठबंधन सरकार के सत्ता में आते ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ‘आरे वन’ के प्रदर्शनकारियों पर हुए केस वापस लेने का ऐलान किया था। इसी मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने एक ऐसे शख्स की पैरवी करने की कोशिश की है, जिसने कभी बालासाहेब का अपमान किया था।

दरअसल एनसीपी विधायक जीतेंद्र आहवाद ने सुधीर धावले नाम के एक शख्स को जेल से रिहा करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से सिफारिश की है। सुधीर इन दिनों भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में जेल के अन्दर बंद है। एक जनवरी 2018 को भीमा-कोरेगाँव में हुए जातीय संघर्ष के दौरान गिरफ्तार हुए 10 लोगों में शामिल था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उस हिंसक घटना के पीछे असली मास्टरमाइंड सुधीर धावले ही था।

गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे से जिस सुधीर धावले को जेल से रिहा करने सिफारिश हो रही है, उसी धावले ने अपनी किताब में उद्धव के पिता और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को हिटलर की संज्ञा दी थी। उस किताब में सुधीर ने जर्मन तानाशाह हिटलर से बालासाहेब का मिलान करते हुए सुधीर ने उनके बारे में लिखते हुए उन्हें “पूंजीपतियों का फासीवादी नौकर” कहा था। हालाँकि हिटलर से बालासाहेब का प्रेम किसी से छिपा नहीं था, यही वजह है कि देश में आपातकाल की घोषणा होने पर सबसे पहले बालासाहेब ने इसका समर्थन किया था। अपनी किताब में सुधीर ने बालासाहेब को फासीवादी, ब्राह्मणवादी लिखा था।

अपनी किताब में उसने दावा किया कि हिंदुत्व को बढाने के लिए बालासाहेब ने दलितों की हत्या तक करवा दी थी। सुधीर ने अपनी इस किताब में 1974 के वर्ली दंगे का ज़िक्र करते हुए लिखा है कि इस दौरान मराठवाड़ा की दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म हुआ था। इस दौरान बहुत लोगों को मारा गया और उनके घर लूट लिए गए थे। धावले ने ठाकरे पर महाराष्ट्र में दलितों के नरसंहार का आरोप लगाया था। अपनी किताब के ज़रिये धावले ने कहा कि यह सब करके ही ठाकरे स्थापित हुए।

उद्धव ठाकरे के सामने उनके पिता का अपमान करने वाले धावले को रिहा करने की माँग एक ऐसे वक़्त में आई है, जब वह एक गठबंधन सरकार के मुखिया हैं। उनकी सरकार को एनसीपी और कॉन्ग्रेस दोनों का समर्थन प्राप्त है, जिसके लिए उन्हें काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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