Monday, January 24, 2022
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‘उमर अब्दुल्ला एक राजनैतिक नौसिखिए हैं, मुझे वो बयान नहीं देना चाहिए था लेकिन मेरी निजी सोच वही’

"वो एक राजनैतिक नौसिखिए हैं, जो हर मुद्दे पर ट्वीट कर रहे हैं। उनके ट्वीट पर आई प्रतिक्रियाएँ पढ़ लें, आप खुद ही जान जाएँगे।"

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर पलटवार किया है। राज्यपाल मलिक ने कहा, “वो एक राजनैतिक नौसिखिए हैं, जो हर मुद्दे पर ट्वीट कर रहे हैं। उनके ट्वीट पर आई प्रतिक्रियाएँ पढ़ लें, आप खुद ही जान जाएँगे।”

दरअसल यह सारा मामला शुरू हुआ तब जब गवर्नर सत्यपाल मलिक ने रविवार (जुलाई 21, 2019) को आतंकवादियों के नाम पर एक बड़ा लेकिन विवादित बयान दिया। एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवादी सुरक्षाकर्मियों समेत बेगुनाहों को बेवजह मारना बंद करें। इससे आगे उन्होंने यह भी कह डाला कि अगर मारना है तो उन लोगों को निशाना बनाएँ, जिन्होंने वर्षों तक कश्मीर की सम्पदा को लूटा है।

एएनआई के ट्वीट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “ये लड़के जो बंदूक लिए फिजूल में अपने लोगों को मार रहे हैं, पीएसओ, एसडीओ को मारते हैं… क्यों मार रहे हैं इनको? उन्हें मारो जिन्होंने तुम्हारे मुल्क को लूटा, जिन्होंने कश्मीर की सारी दौलत लूटी… इनमें से किसी को मारा है अभी तक? बंदूक से कुछ हासिल नहीं होगा।”

राज्यपाल मलिक के इसी बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री व जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्वीट करके लिखा, “यह शख्स जो जाहिर तौर पर एक जिम्मेदार संवैधानिक पद पर काबिज है और वह आतंकवादियों को भ्रष्ट समझे जाने वाले नेताओं की हत्या के लिए कह रहा है।”

इसके बाद अब्दुल्ला ने फिर एक ट्वीट किया और कहा, “इस ट्वीट को सहेज लें- आज के बाद जम्मू-कश्मीर में मारे गए किसी भी मुख्यधारा के नेता या सेवारत/सेवानिवृत्त नौकरशाह की अगर हत्या होती है तो समझा जाएगा कि यह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के आदेशों पर की गई है।”

विवाद को आगे बढ़ता देखकर राज्यपाल मलिक ने इस पर अपनी सफ़ाई भी दे दी है। उन्होंने कहा, “मैंने जो कुछ भी कहा, वह यहाँ लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार की वजह से आई हताशा और गुस्से में कहा। गवर्नर के रूप में मुझे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था, लेकिन मेरी निजी सोच वही है, जो मैंने कहा। बहुत-से राजनेता और बड़े नौकरशाह भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं।”

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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