Homeराजनीतिमुझे घर का खाना चाहिए, कैंटिन का खाना नहीं खाऊँगा: कोर्ट की अनुमति नहीं...

मुझे घर का खाना चाहिए, कैंटिन का खाना नहीं खाऊँगा: कोर्ट की अनुमति नहीं होने से रात भर भूखे सोए चिदंबरम

चिदंबरम से स्पष्ट तौर पर जब नॉर्थ ब्लॉक में पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी से उनकी मुलाक़ात के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने दोनों से मुलाक़ात होने की बात...

पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने CBI की हिरासत में अपनी पहली रात बिना कुछ खाए-पिए बिताई। दरअसल, उन्होंने घर के खाने की माँग की थी, लेकिन बिना कोर्ट की अनुमति के ऐसा नहीं किया जा सका। इसके बाद चिदंबरम ने कैंटिन का खाना खाने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, CBI द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी उन्होंने ठीक से नहीं दिए।

ख़बर के अनुसार, चिदंबरम पूरी रात शांत रहे, उन्होंने मुश्किल से ही CBI और डॉक्टर्स से बात की। डॉक्टर्स ने उनसे उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा और रेग्युलर चेकअप किया, जो नॉर्मल रहा। चिदंबरम को ग्राउंड फ्लोर स्थित सूइट-5 में रखा गया है और उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी CBI ऑफिसर्स की है। उनकी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके तहत 24X7 उन पर नज़र रखी जा रही है।

CBI ने उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, इसमें मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित सवाल भी शामिल थे। विदेशी कंपनियों और पेमेंट मोड को लेकर भी उनसे सवाल किए गए। ज्ञात हो कि CBI ने इस संबंध में तीन देशों को पत्र लिखकर लेन-देन को लेकर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। चिदंबरम से स्पष्ट तौर पर नॉर्थ ब्लॉक में पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी से उनकी मुलाक़ात के बारे में सवाल किया गया, इसके जवाब में उन्होंने दोनों से मुलाक़ात होने की बात से साफ़ इनकार कर दिया।

इसके अलावा, CBI ने चेस मैनेजमेंट कंपनी के बारे में उनसे पूछा, एडवांटेज और आसब्रिज कंपनी के संदर्भ में भी सवाल किए और कार्ति चिदंबरम की कंपनियों के बारे में भी सवाल पूछे गए। भास्कर रमन नाम के शख़्स के बारे में चिदंबरम से पूछा गया कि क्या आप उन्हें जानते हैं? साथ ही यह भी पूछा कि INX मीडिया ने आपके बेटे की कंपनी को किश्तों में करोड़ों रुपयों का भुगतान क्यों किया?

ग़ौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा चिदंबरम को अग्रिम ज़मानत नहीं मिली थी, जिसके बाद उनके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारतीय परमाणु हथियारों के विरोध से लेकर ‘भगवा आतंकवाद’ के नैरेटिव तक: चिदंबरम के खुद को ‘दिमागी नक्सल’ स्वीकारने पर क्यों हैरान नहीं है...

चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।
- विज्ञापन -