Homeराजनीतिराम मंदिर का समर्थन करने पर अजीत पवार के बेटे को NCP सांसद सुप्रिया...

राम मंदिर का समर्थन करने पर अजीत पवार के बेटे को NCP सांसद सुप्रिया सुले ने अनुभवहीन बताकर किया किनारा

इस ट्वीट के बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई। पार्थ की बुआ और अजीत पवार की बहन, जो कि एनसीपी सांसद भी हैं, सुप्रीया सुले ने अपने ही भतीजे की टिप्पणी पर पार्टी की ओर सफाई दी। उन्होंने कहा कि पार्थ ने जो कुछ भी कहा वह सब उनकी निजी राय है और लोकतंत्र में सभी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री व NCP नेता अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार ने 5 अगस्त को हुए अयोध्या राम मंदिर भूमिपूजन का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए इसे सांस्कृतिक जीत बताया है। इस ट्वीट में उन्होंने राम मंदिर भूमि पूजन को भारत की सभ्यता का जागरण बताया।

पार्थ ने राम मंदिर निर्माण का समर्थन किया और जय श्रीराम लिखते हुए अपने ट्वीट को समाप्त किया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा –

“आखिरकार श्रीराम,जो भारत की आस्था व संस्कृत के प्रतीक हैं। अब शांति से अपने घर में रहेंगे। लड़ाई बहुत कड़वी और लंबी थी। और अंत में, हम एक पीढ़ी के रूप में ऐसे ऐतिहासिक दिन तक पहुँचे हैं, जब हम हिंदू विश्वास की पुनर्स्थापना के गवाह होंगे।”

इसके बाद पार्थ ने गाँधीजी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि सभी को उन लोगों का भी सम्मान करना चाहिए, जिन्होंने इस विवाद में अपनी जमीन खोई।

उन्होंने लिखा, “भले ही कमजोर या तर्कहीन बहस थी, लेकिन कुछ लोगों की भावनाएँ बाबरी मस्जिद से जुड़ी थी। चलिए उनका सम्मान करें जिन्होंने खोया है। उनके तर्कों और दावों को वैसे भी हरा दिया गया है। इसलिए थोड़ा आगे बढ़कर उन्हें भी शामिल करते हैं, जिन्हें हमारी जीत में अपनी हार लग रही हैं।”

इस ट्वीट के बाद महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई। पार्थ की बुआ और अजीत पवार की बहन, जो कि एनसीपी सांसद भी हैं, सुप्रीया सुले ने अपने ही भतीजे की टिप्पणी पर पार्टी की ओर सफाई दी। उन्होंने कहा कि पार्थ ने जो कुछ भी कहा वह सब उनकी निजी राय है और लोकतंत्र में सभी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है।

गौरतलब की एनसीपी से जुड़े होने के बावजूद पार्थ की राय की महत्ता इसलिए भी है क्योंकि राम मंदिर मुद्दे पर महाराष्ट्र की महा अघाड़ी सरकार चुप रही। इसके अलावा, बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मुद्दे पर भी हम पार्थ को उनके पिता की लीक से हटकर चलते हुए देख सकते हैं।

एक ओर जहाँ पर महाराष्ट्र सरकार सुशांत मामले में सीबीआई को जाँच देने से मना कर रही थी। वहीं, पार्थ ने पिछले महीने इस मामले में सीबीआई जाँच की गुहार लगाई थी और इन्हीं सब को देखते हुए उनके रवैए पर सवाल भी उठने लगे थे।

महाविकास अघाड़ी सरकार के हितैषी पत्रकार निखिल वाघले ने ट्वीट पर कहा, “मुझे समझ ही नहीं आ रहा कि अजीत पवार के बेटे पार्थ भाजपा की मदद क्यों कर रहे हैं। पहले उन्होंने सुशांत मामले में सीबीआई जाँच की माँग की और फिर भूमिपूजन के लिए मोदी को बधाई दी। आखिर पक क्या रहा है?”

एक अन्य एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने भी इस मुद्दे पर पार्थ के बयानों पर बोला और उन्हें गैर अनुभवी बताया। मलिक ने कहा, “पार्थ पवार अभी नौजवान और नए हैं। उनमें अनुभवों की कमी हैं। इसलिए ऐसी चीजें हो जाती हैं। लेकिन इससे उनके बीच कोई अनबन नहीं होगी।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -