Homeराजनीतिफ़रार चल रहे बाहुबली विधायक अनंत कुमार ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में किया...

फ़रार चल रहे बाहुबली विधायक अनंत कुमार ने दिल्ली की साकेत कोर्ट में किया सरेंडर

2009 में आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास नेअपनी जान को जोखिम में डालकर ख़ुफ़िया रिपोर्ट में यह ख़ुलासा किया था कि विधायक अनंत सिंह के आवास पर एके-47 और एके-56 समेत अन्य आधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा है।

बिहार में पटना ज़िले के मोकामा से बाहुबली निर्दलीय विधायक अनंत कुमार सिंह ने शुक्रवार (23 अगस्त) को दिल्ली की साकेत कोर्ट में सरेंंडर कर दिया। अनंत सिंह के घर से एके-47 राइफल और ग्रेनेड बरामद किया गया था, जिसके बाद से ही वो फ़रार चल रहे थे। कुछ दिनों पहले विधायक अनंत सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि वो पुलिस के समक्ष नहीं बल्कि कोर्ट में सरेंडर करेंगे, क्योंकि उन्हें न्यायालय पर भरोसा है।

इससे पहले भी उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था कि वो गिरफ़्तारी से नहीं डरते हैं, 3-4 दिनों में वो ख़ुद ही कोर्ट में सरेंडर कर देंगे।

अनंत सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की सत्ताधारी जेडीयू पार्टी के सांसद ललन सिंह, मंत्री नीरज कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने उनके ख़िलाफ़ षडयंत्र रच कर एक रिश्तेदार के ज़रिए घर में हथियार रखवाए थे। बता दें कि एके-47 और ग्रेनेट की बरामदगी केस में बीते मंगलवार (20 अगस्त) को बाढ़ कोर्ट ने अनंत सिंह के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी कर दिया था। इसके लिए बाढ़ कोर्ट के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुमार माधवेंद्र ने वारंट जारी करने की अनुमति दी थी।

अगर अनंत सिंह आज कोर्ट में सरेंंडर न करते तो उनके ख़िलाफ़ इश्तेहार और फिर कुर्की की कार्रवाई की जाती। इसके अलावा, उनके क़रीबी लल्लू मुखिया और उसके भाई रणवीर यादव पर हत्या की साज़िश रचने के मामले में कोर्ट ने कुर्की और ज़ब्ती का आदेश दे दिया था।

ख़बर यह भी है कि अनंत सिंह का यह असली चेहरा 10 साल पहले ही सामने आ जाता अगर आईपीएस अधिकारी अमिताभ कुमार दास  की ख़ुफ़िया रिपोर्ट को गंभीरता से ले लिया जाता। 2009 में उन्होंने अपनी जान को जोखिम में डालकर रिपोर्ट में यह ख़ुलासा किया था कि विधायक अनंत सिंह के आवास पर एके-47 और एके-56 समेत अन्य आधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा है। ठीक 10 साल बाद यानी 10 अगस्त 2019 को विधायक अनंत सिंह के घर छापेमारी के दौरान एके-47 के साथ गोलियों और हैंड ग्रेनेड की बरामदगी हुई।

इस छापेमारी के बाद आईपीएस अमिताभ कुमार ने अपनी सुरक्षा के लिए BMP-1 से दो गोरखा अंगरक्षक उपलब्ध कराने की माँग की। उनकी इस माँग को पूरा करते हुए डीजीपी द्वारा उन्हें तत्काल सुरक्षा मुहैया भी करवाई और उनकी सुरक्षा में दो बॉडीगार्ड की तैनाती भी कर दी गई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बंगाल के आदिनाथ मंदिर को वापस पाने में जुटे सनातनी, इस्लामी आक्रांताओं ने कब्जा कर बना दी थी अदीना मस्जिद: जानिए कब से चल...

बंगाल की अदीना 'मस्जिद' के पास हिंदू संगठन ने पूजा-पाठ शुरू कर दी। हिंदुओं ने कहा कि यह ऐतिहासिक ढाँचा एक प्राचीन हिंदू मंदिर तोड़कर बनाया गया है।

जहाँ युवा, वहाँ PM मोदी… एक ही Reel से बना डाला रिकॉर्ड: मंत्रियों को संदेश- अब Insta करें इस्तेमाल, जानें- कैसे ‘फोटो शेयरिंग ऐप’...

इंस्टाग्राम युवाओं का सबसे पसंदीदा ठिकाना है। PM मोदी ने अपनी आवाज युवाओं तक इसके जरिए पहुँचाई। सभी मंत्रियों को भी यूज करने का निर्देश दिया।
- विज्ञापन -