Wednesday, August 4, 2021
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आत्मनिर्भर किसान भारत की रीढ़, कोरोना काल में रिकॉर्ड उत्पादन: PM मोदी ने की 1000 e-NAM मंडियों की घोषणा

किसानों की तरक्की के लिए सरकार के उपायों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, "हमने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। किसानों के लिए मंडियों को लाभदायक बनाने के लिए 1,000 और मंडियों को e-NAM से जोड़ा जाएगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार (फरवरी 04, 2021) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चौरी-चौरा शताब्दी समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद हैं। अपने सम्बोधन की शुरुआत पीएम मोदी ने चौरी-चौरा के बलिदानियों को श्रद्धाजंलि देकर की। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आत्मानिभर किसानों’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने कोरोनो वायरस के समय रिकॉर्ड कृषि उपज दर्ज की। उन्होंने आगे कहा कि फसल उगाने वाले हमारे देश के लोकतंत्र की रीढ़ हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 100 वर्ष पहले चौरी चौरा में जो हुआ वो सिर्फ एक आगजनी की घटना या एक थाने में आग लगा देने की घटना नहीं थी, चौरी चौरा का संदेश बहुत बड़ा और व्यापक था। उन्होंने कहा कि आग सिर्फ थाने में नहीं लगी थी, आग जन-जन के मन में लगी थी। यह देश के सामान्य नागरिकों का स्वत: स्फूर्त संग्राम था।

पीएम मोदी ने कहा, “आज से शुरू हो रहे कार्यक्रम पूरे साल आयोजित किए जाएँगे। इस दौरान चौरी-चौरा के साथ ही हर गाँव, हर क्षेत्र के वीर बलिदानियों को भी याद किया जाएगा। जब देश आज़ादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, उस समय ऐसे समारोह का होना इसे और भी प्रासंगिक बना देता है।

किसानों की तरक्की के लिए सरकार के उपायों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। किसानों के लिए मंडियों को लाभदायक बनाने के लिए 1,000 और मंडियों को e-NAM से जोड़ा जाएगा।”

वहीं, इस ऐतिहासिक घटना पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 4 फरवरी 1922 को स्वाधीनता संघर्ष में यहाँ पुलिस और स्थानीय जनता के बीच संघर्ष में पुलिस की गोली से स्वाधीनता के लिए संघर्ष करने वाले 3 सेनानी शहीद हुए थे। उसके बाद 228 पर ब्रिटिश हुकुमत ने मुकदमा चलाया था जिनमें 225 को सजा दी गई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्बोधन की प्रमुख बातें

  • चौरी चौरा शताब्दी के इन कार्यक्रमों को लोकल कला, संस्कृति और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया गया है। ये प्रयास भी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारी श्रद्धांजलि होगी।
  • सामूहिकता की जिस शक्ति ने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ा था, वही शक्ति भारत को दुनिया की बड़ी ताकत भी बनाएगी। सामूहिकता की यही शक्ति आत्मनिर्भर भारत अभियान का मूलभूत आधार है।
  • कोरोना काल में भारत ने दुनिया के 150 से ज्यादा देशों के नागरिकों की मदद के लिए दवाइयाँ भेजी। दुनिया के अलग-अलग देशों से अपने 50 लाख से अधिक नागरिकों को स्वदेश लाने का काम किया। भारत ने अनेक देशों के हजारों नागरिकों को सुरक्षित उनके देश भेजा।
  • आज भारत खुद कोरोना की वैक्सीन बना रहा है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों से भी तेज़ गति से टीकाकरण कर रहा है। भारत मानव जीवन की रक्षा के लिए दुनिया भर को वैक्सीन पहुँचा रहा है। तो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की आत्मा को गर्व महसूस होता होगा।
  • बजट के पहले कई दिग्गज यह कह रहे थे कि देश ने इतने बड़े संकट का सामना किया है तो सरकार को टैक्स बढ़ाना ही पड़ेगा, देश के आम नागरिक पर बोझ डालना ही पड़ेगा, लेकिन इस बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। बल्कि सरकार ज्यादा से ज्यादा खर्च करेगी।
  • इस बजट में देशवासियों पर कोई बोझ नहीं बढ़ाया गया। बल्कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने ज़्यादा से ज़्यादा खर्च करने का फैसला लिया है। ये खर्च देश में चौड़ी सड़के बनाने के लिए होगा, नई बसें और रेल चलेगी, युवाओं को ज़्यादा अच्छे अवसर मिले उसके लिए बजट में अनेक फैसले लिए हैं।
  • महामारी की चुनौतियों के बीच भी हमारा कृषि क्षेत्र मजबूती से आगे बढ़ा और किसानों ने रिकॉर्ड उत्पादन करके दिखाया। हमारा किसान अगर और सशक्त होगा, तो कृषि क्षेत्र की प्रगति और तेज होगी।
  • कोरोना काल में भारत ने जिस तरह से इस महामारी से लड़ाई लड़ी है। आज उसकी तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। अब देश का प्रयास है कि हर गांव, कस्बे में भी इलाज की ऐसी व्यवस्था हो कि हर छोटी मोटी बीमारी के लिए शहर की तरफ न भागना पड़े।
  • हमारे देश की प्रगति का सबसे बड़ा आधार हमारे किसान भी रहे हैं। चौरी-चौरा संग्राम में हमारे किसानों की सबसे बड़ी भूमिका थी, किसान आगे बढ़ें, आत्मनिर्भर बने इसके लिए पिछले 6 सालों में किसानों के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं।
  • अब e-NAM से और 1000 मंडियाँ जोड़ी जाएँगी। ग्रामीण क्षेत्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए किया गया है। इसका सीधा लाभ देश के किसान को होगा। ये सभी फैसले हमारे किसान को आत्मनिर्भर बनाएँगे, कृषि को लाभ का व्यापार बनाएँगे।
  • हमें संकल्प लेना है- देश की एकता हमारे लिए सबसे पहले है। देश का सम्मान हमारे लिए सबसे बड़ा है। इसी भावना के साथ हमें हर एक देशवासी को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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