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म्यूटेट होकर बदलते वायरस की तरह रणनीति में भी हो परिवर्तन: 10 राज्यों के CM और DM के साथ PM मोदी की मीटिंग

"गरीबों को मिलने वाले राशन की सप्लाई सही ढंग से हो, उसकी कालाबाजारी को रोकना सबसे आवश्यक... क्योंकि जीवन की सुरक्षा के साथ जीवन को चलाने की भी आवश्यकता है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (20 मई) देश के 10 राज्यों के मुख्यमंत्री और इन्हीं राज्यों के जिलों के DM के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम के उपायों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने मीटिंग में इस बात पर जोर दिया कि जब तक माइनर स्केल पर संक्रमण मौजूद है, तब तक चुनौती है और सबसे निचले स्तर पर इस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई से फायदा पूरे देश को होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि इस नई चुनौती से लड़ने में रणनीति के साथ संवेदनशीलता और हौसला बनाए रखने की आदत ही काम आई। जिस प्रकार अपने जिले में अधिकारी लोगों की छोटी से छोटी समस्याएँ भी सुलझाते हैं, वही भावना आज भी काम आ रही है।

मीटिंग में चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों के अनुभव राष्ट्रीय स्तर पर काम आ सकते हैं और कई राज्यों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा भी किए हैं। पीएम मोदी ने मीटिंग में कहा कि कई अधिकारियों से अनेकों इनोवेटिव समाधान प्राप्त हुए हैं।

राज्य और जिला अधिकारियों के अनुभवों और फीडबैक के महत्व के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इनकी सहायता से व्यवहारिक नीतियाँ बनाने में सहायता मिली है और टीकाकरण में भी अधिकारियों से प्राप्त सुझावों को शामिल किया गया है।

सबसे निचले स्तर पर कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम की आवश्यकता पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भले ही संक्रमित सक्रिय मरीजों की सँख्या में गिरावट आ रही हो किन्तु जब तक संक्रमण सबसे निचले स्तर तक मौजूद है, खतरा बना हुआ है। इसके लिए पीएम मोदी ने अपील की कि गाँवों समेत जिले के सभी इलाकों में कोविड के सभी प्रोटोकॉल का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए टेस्टिंग एवं डिस्टेंसिंग की रणनीति अपनाना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। 

पीएम मोदी ने महामारी से लड़ने में अपने तौर-तरीकों में बदलाव करने को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यदि वायरस म्यूटेट होकर बार-बार बदलता है तो हमें भी हर बार अपनी रणनीति में परिवर्तन करना चाहिए।

राज्यों और जिलों के अधिकारियों के साथ कोरोना वायरस पर चर्चा के लिए मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन के वेस्टेज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वैक्सीन का वेस्टेज रोकना जरूरी है क्योंकि यदि वैक्सीन का एक भी डोज बर्बाद हुआ तो इसका मतलब यही है कि हम किसी एक जीवन को जरूरी सुरक्षा कवच नहीं दे पाए हैं।

पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा कि दूसरी लहर में वायरस के म्यूटेशन से युवाओं और बच्चों पर ज्यादा खतरा आया है लेकिन जिले में अधिकारियों के प्रयासों से यह खतरा गंभीर नहीं हो पाया लेकिन फिर भी आगे की तैयारी होनी चाहिए।

जीवन की सुरक्षा के साथ जीवन को चलाने की आवश्यकता पर भी पीएम मोदी ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों को मिलने वाले राशन की सप्लाई सही ढंग से हो और उसकी कालाबाजारी को रोकना अधिकारियों के लिए सबसे आवश्यक है जिससे इस लंबी लड़ाई को जीतने में आसानी हो।

पिछले कुछ दिनों से देश में लगातार कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों की सँख्या रोजाना मिलने वाले नए संक्रमित मरीजों से अधिक है। सक्रिय मरीजों की सँख्या भी अब घट रही है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश भर में 3,69,077 मरीज स्वस्थ हुए हैं जबकि इसी दौरान नए संक्रमितों की सँख्या 2,76,110 रही।

सक्रिय मरीजों की जो सँख्या 35 लाख से भी अधिक पहुँच रही थी वह अब घटकर 31,29,878 है। साथ ही देश भर में 18 करोड़ से अधिक लोगों को टीके भी लग चुके हैं। पिछले 24 घंटे में देश भर में 20.55 लाख टेस्ट हुए जो अब तक का सर्वाधिक आँकड़ा है लेकिन इस दौरान संक्रमण दर 13.44% रिकॉर्ड की गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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