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नेहरू समेत सभी पूर्ववर्ती PM से आगे निकले मोदी, गैर-कॉन्ग्रेसी PM मामले में नंबर-1: अगस्त में बनाए 4 रिकॉर्ड

2268 दिनों तक भारत के प्रधानमंत्री (गैर-कॉन्ग्रेसी) रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है PM मोदी ने। 5 अगस्त को तीन और बेहतरीन रिकॉर्ड बनाकर प्रधानमंत्री मोदी ने नेहरू, इंदिरा सहित सभी पूर्ववर्ती PM को भी...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार (अगस्त 13, 2020) को अपने दूसरे कार्यकाल में एक और मील का पत्थर छू लिया है। दरअसल, पीएम नरेंद्र सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले पहले भारतीय पीएम (गैर-कॉन्ग्रेसी) बन गए हैं।

67 साल के पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी के ही दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के 2,268 दिनों तक भारत के प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। जबकि, सबसे लंबे समय तक भारत के प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम है।

जवाहरलाल नेहरू 16 वर्ष 286 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे। इस मामले में दूसरा स्थान उनकी बेटी इंदिरा गाँधी का है, जो कि 15 वर्ष 350 दिनों तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। जबकि, तीसरे नंबर पर मनमोहन सिंह हैं, जो कि 10 वर्ष 4 दिनों तक देश के प्रधानमंत्री रहे।

इस तरह से आज के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले चौथे प्रधानमंत्री बन गए हैं। इसे पहले, अटल बिहारी वाजपेयी 3 बार भारत के प्रधानमंत्री बने। पहली बार वह वर्ष 1996 में प्रधानमंत्री बने, लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाए। दूसरी बार वह 1998 और 1999 में प्रधानमंत्री बने और 2004 तक सत्ता में रहे थे।

इससे पहले, 5 अगस्त को अयोध्या श्रीराम मंदिर भूमिपूजन के दिन पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 3 रिकॉर्ड बनाए, क्योंकि वह श्रीराम जन्मभूमि का दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने थे। यह पहला मौका भी था, जब किसी प्रधानमंत्री ने हनुमान गढ़ी का दौरा किया। इसके अलावा, वह देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रतीक किसी मन्दिर के ‘भूमिपूजन’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले पहले प्रधानमंत्री बने।

पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय पीएम के रूप में छह साल पूरे कर लिए हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी ने 303 सीटों के बहुमत के साथ 2019 के आम चुनावों में अपना दूसरा चुनाव जीता और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 353 सीटें जीतीं थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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