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‘मेरी मृत्यु की कामना हुई तो मुझे आनंद आया’ : PM मोदी ने काशी में साधा विपक्ष पर निशाना, बोले- काल भैरव के आगे इनकी चलनी थी क्या?

पीएम मोदी ने विपक्ष में बैठे अखिलेश यादव जैसे नेताओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने अखिलेश के उन शब्दों को याद किया जब उन्होंने पीएम मोदी के लिए कहा था, "आखिरी समय में काशी में ही रहना चाहिए।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (फरवरी 27, 2022) को वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने के बाद जनता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर हमला बोलते हुए जनता को बताया कि कैसे जब वह काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने आए थे तो विपक्षी नेताओं ने उनकी मौत की कामना कर डाली थी।

उन्होंने अपनी पार्टी, संगठन, कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश में पहले जिन घोर परिवारवादियों ने सरकार चलाई उनकी पार्टी की पहचान के साथ गुंडागर्दी और माफियावाद जुड़ा हुआ है। लेकिन भाजपा की पहचान उनका कार्यकर्ता और उसकी सेवा है।

पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जब ये घोर परिवारवादी सरकार में थे, तो यूपी के विकास के लिए, गरीबों के लिए हम जो भी काम लेकर आते थे, उसमें ये अड़ंगा लगा देते थे। लेकिन बीते पाँच साल में डबल इंजन की सरकार ने यूपी के विकास की पूरी ईमानदारी से कोशिश की है।”

बनारस के विकास और काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण पर बात करते हुए पीएम ने विपक्ष में बैठे अखिलेश यादव जैसे नेताओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने अखिलेश के उन शब्दों को याद किया जब उन्होंने पीएम मोदी के लिए कहा था, “आखिरी समय में काशी में ही रहना चाहिए।” पीएम मोदी ने कहा, “मैं किसी की व्यक्तिगत आलोचना करना पसंद नहीं करता और ना ही किसी की आलोचना करना चाहता हूँ। लेकिन जब सार्वजनिक रूप से काशी में मेरी मृत्यु की कामना की गई, तो वाकई मुझे बहुत आनंद आया, मेरे मन को बहुत सुकून मिला।”

आगे वह बोले, “मुझे लगा कि मेरे घोर विरोधी भी ये देख रहे हैं कि काशी के लोगों का मुझ पर कितना स्नेह है। उन लोगों ने तो मेरे मन की मुराद पूरी कर दी। इसका मतलब ये कि मेरी मृत्यु तक ना काशी के लोग मुझे छोड़ेंगे और ना ही काशी मुझे छोड़ेगी। उन घोर परिवारवादियों को मालूम नहीं है कि ये जिंदा शहर बनारस है! ये शहर मुक्ति के रास्ते खोलता है। और अब बनारस, विकास के जिस रास्ते पर चल पड़ा है, वो देश के लिए गरीबी से मुक्ति के रास्ते खोलेगा, अपराध से मुक्ति के रास्ते खोलेगा।”

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि काशी में घाटों पर, मंदिरों पर बम विस्फोट होते थे। आतंकवादी बेखौफ थे, क्योंकि तब की समाजवादी सरकार उनके साथ थी। सरकार आतंकियों से खुलेआम मुकदमे वापस ले रही थी। लेकिन, काशी कोतवाल बाबा कालभैरव के आगे इनकी चलने वाली थी क्या? त्रिशूल के आगे कोई माफिया, कोई आतंकी कभी टिक सकता है क्या? आज सब अपने ठिकाने पर हैं और कालजयी काशी है देश को दिशा दिखा रही है। कुछ दिन पहले माँ अन्नपूर्णा की प्रतिमा भी बनारस को आशीर्वाद देने फिर से स्थापित हो गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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