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बढ़ती महँगाई का विरोध करने निकले कॉन्ग्रेसी: नीतीश की पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर लाठियों से पीटा

पुलिस ने इस घटना के बाद कॉन्ग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इनमें सांसद अखिलेश सिंह, एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा शामिल हैं, जिन्हें पुलिस कोतवाली थाना ले गई।

बिहार के पटना में बढ़ती महँगाई, आर्थिक मंदी और बेरोजगारी समेत अन्य मुद्दों को लेकर आज बिहार कॉन्ग्रेस ने ‘जन वेदना मार्च’ निकाला।  इस दौरान कॉन्ग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने आँसू गैस के गोले दागे, लाठीचार्ज और वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की।

पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने से क़रीब एक दर्जन से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं के घायल होने की ख़बर है। इस दौरान लाठीचार्ज और पानी की बौछार से कॉन्ग्रेस नेता व कार्यकर्ता गिरते-पड़ते इधर-उधर भागने लगे। बता दें कि इस विरोध-प्रदर्शन रैली का नेतृत्व अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव ख़ुद कर रहे थे।

दरअसल, बिहार में भ्रष्टाचार और क़ानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर कॉन्ग्रेस ने पटना में प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम से जन वेदना मार्च निकाला। यह विरोध मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ प्रतिबंधित क्षेत्र हड़ताली मोड़ जैसे ही पहुँचा वहाँ पहले से दंडाधिकारी के नेतृत्व में मौजूद पुलिस के जवानों ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।

इसके बाद कार्यकर्ता उग्र हो गए और पुलिस एवं कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। कार्यकर्ता आगे बढ़ने की कोशिश में लगे थे तभी पुलिस की ओर से वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज किया गया।

ख़बर के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में कॉन्ग्रेस के विधायक रामदेव घायल हो गए, उनके हाथ और सिर में चोटें आई हैं। घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया। पुलिस ने इस घटना के बाद कॉन्ग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इनमें सांसद अखिलेश सिंह, एमएलसी प्रेमचंद मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा शामिल हैं, जिन्हें पुलिस कोतवाली थाना ले गई।

कॉन्ग्रेस नेताओं के हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही RLSP प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी कोतवाली थाना पहुँचे, जहाँ उन्होंने कॉन्ग्रेस के मॉर्च में हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और कहा कि नीतीश सरकार, विरोधियों की आवाज़ को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष कोई किसी मुद्दे का विरोध करे और आंदोलन करे। आंदोलन करने पर नीतीश सरकार आँसू गैस के गोले छोड़ती है। लोगों पर पानी की बौछार और लाठियाँ बरसाती है। 

कुशवाहा ने इस घटना पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि अब यह लड़ाई केवल कॉन्ग्रेस की नहीं बल्कि महागठबन्धन की भी है। हम शांत नहीं बैठेंगे और सरकार पर ज़ोरदार प्रहार होगा। उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि हम लोग तेजस्वी यादव से बात करेंगे और पुलिस की लाठीचार्ज का मुद्दा सदन में भी उठाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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