Homeराजनीतिहिंसा फैलाने वाले नेताओं को आग लगा दोः ओपी राजभर

हिंसा फैलाने वाले नेताओं को आग लगा दोः ओपी राजभर

“राजनेता वोट के लिए हिंदुओं और मुस्लिमों को विभाजित करने की कोशिश करते हैं। वो देश के ही नागरिक हैं, उन्हें आपस में मत लड़ाओ।”

बीते कुछ दिनों से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का विवादों से नाता गहरा होता जा रहा है। इस बार राजभर ने साम्प्रदायिक दंगों को लेकर कहा कि दंगे के दौरान किसी नेता की मौत क्यों नहीं होती है ? कभी आपने ये नहीं सुना या देखा होगा कि दंगों में किसी बड़े नेता की मौत हुई है।

उन्होंने नेताओं के लिए कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि जो नेता तुम्हें मजहब के नाम पर लड़ाने का काम करें, उन्हें वहीं आग लगाकर जला दो, ताकि वो समझ जाएँ कि हम एक-दूसरे को नहीं जलाने देंगे। उन्होंने कहा, “राजनेता वोट के लिए हिंदुओं और मुस्लिमों को विभाजित करने की कोशिश करते हैं। उन्हें एक बार सोचना चाहिए कि भारत का संविधान देश के सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है। वो देश के ही नागरिक हैं, उन्हें आपस में मत लड़ाओ।”

बीते कुछ दिनों से बदले हैं राजभर के स्वर

ओम प्रकाश राजभर, भले ही यूपी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री हैं, लेकिन बीते कुछ दिनों से वो लगातार राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए निशाना साधते रहे हैं। बीते दिनों उन्होंने कहा था कि भाजपा को 100 दिन का समय दिया है। अगर वो हमारे साथ चुनाव लड़ना चाहती है तो उनका स्वागत है। अगर इतने दिनों में उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आता है तो फिर मेरी पार्टी सभी 80 सीटों पर लोकसभा का चुनाव लड़ेगी।

निजी सचिव के भ्रष्टाचार में लिप्त होने से झेलनी पड़ी थी शर्मिंदगी

कुछ दिनों पहले एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में तीन राज्यमंत्रियों के निजी सचिव तबादले, ठेका-पट्टा दिलाने के नाम पर भ्रष्टाचार करते हुए रिकॉर्ड हुए थे। इनमें ओपी राजभर के निजी सचिव ओमप्रकाश कश्यप भी शामिल थे। इस स्टिंग के बाद राज्य सरकार ने तीनों को निलंबित करते हुए एसआईटी जाँच के आदेश दिए थे। बता दें कि एसआईटी जाँच में तीनों सचिवों को दोषी पाया गया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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