Thursday, June 20, 2024
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बीजेपी MP ने रखा प्रस्ताव और राज्यसभा ने खत्म कर दिया राघव चड्ढा का निलंबन, उप-सभापति को धन्यवाद दे AAP सांसद ने पढ़ा ‘चराग़’ वाला शेर

सुप्रीम कोर्ट ने राघव चड्ढा को निर्देश दिया था कि वो चयन समिति को लेकर हुए विवाद पर वो उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से बिना शर्त माफ़ी माँगें, इसके बाद सभापति इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकते हैं।

राज्यसभा से AAP के सांसद राघव चड्ढा का निलंबन वापस ले लिया गया है। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और सभापति जगदीप धनखड़ को धन्यवाद दिया है। बता दें कि सोमवार (4 दिसंबर, 2023) को उच्च सदन ने राज्यसभा से राघव चढ़ा का निलंबन वापस ले लिया गया। वो 115 दिनों से निलंबित चल रहे थे। उन्हें 11 अगस्त, 2023 को राज्यसभा से निलंबित किया गया था। राघव चड्ढा ने इसके बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का संज्ञान लिया था।

राघव चड्ढा ने अब वीडियो जारी कर के कहा है, “सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद संसद भवन के भीतर एक प्रस्ताव लाकर मेरे निलंबन को रद्द किया गया। इस दौरान मैं जनता के सवाल सरकार से नहीं पूछ सका, आपके हक़ की आवाज़ नहीं उठा सका। इस 115 दिन के निलंबन के मेरे समय में मुझे आप सबका बहुत आशीर्वाद और प्यार मिला लड़ाई लड़ने की और डट कर मुकाबला करने की, कैसे मैसेज और फोन आए। इसके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ।”

इस दौरान उन्होंने ‘दुआ करो कि सलामत रहे मेरी हिम्मत, ये एक चराग़ कई अंधेरों पर भारी है’ शेर भी पढ़ा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राघव चड्ढा को निर्देश दिया था कि वो चयन समिति को लेकर हुए विवाद पर वो उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से बिना शर्त माफ़ी माँगें, इसके बाद सभापति इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकते हैं। बता दें कि भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया था कि एक प्रस्ताव में राघव चड्ढा ने उनकी सहमति के बिना उनके नाम जोड़ दिए थे।

इस प्रस्ताव में ‘दिल्ली सेवा विधेयक’ की जाँच के लिए एक चयन समिति के गठन की माँग की गई थी। दिल्ली कैडर के अधिकारियों की तैनाती और उनके तबादले के मुद्दे पर ये विधेयक आया था। राघव चड्ढा ने इस पर प्रस्ताव तैयार कर के सभापति को दे दिया था। उन पर फर्जीवाड़े और विशेषाधिकार हनन के आरोप लगे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मामले में जाँच की माँग की थी। जाँच पूरी होने तक सभापति ने राघव चड्ढा को निलंबित कर दिया था।

निलंबन का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सांसद GVL नरसिंहा राव लेकर आए। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए मोशन मूव किया और कहा कि राघव चड्ढा को विशेषाधिकार हनन का दोषी पाया गया है और अब तक उन्होंने जो निलंबन भुगता है, वो उनके लिए पर्याप्त सज़ा है। उन्होंने इसके सभापति ने मौखिक रूप से इस पर सांसदों से वोट लिया और मोशन को अडॉप्ट किया। फिर उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा अब संसद की कार्यवाही में हिस्सा ले सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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