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‘निवेशकों में भय पैदा कर रहे राहुल गाँधी’: पीयूष गोयल बोले- INDI को बढ़त मिलते ही मार्केट गिरा, मोदी सरकार की वापसी पर बाजार स्थिर हुआ

पीयूष गोयल ने कहा, राहुल को चिंता करनी चाहिए कि रुझान में जब उनको बढ़त मिली तो मार्केट गिरा। वो ये साबित करता है कि जनता निवेशकों को उनपर भरोसा नहीं है।

एग्‍ज‍िट पोल और स्‍टॉक मार्केट में ग‍िरावट को मिलाकर घोटाला बताने वाले कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। राहुल गाँधी के आरोपों पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, राहुल गाँधी लोकसभा चुनाव में विपक्ष की हार से अभी भी उबर नहीं पाए हैं। वे अब मार्केट के लोगों का कॉन्फिडेंस कम कर रहे हैं। निवेशकों में भय पैदा करने की कोश‍िश कर रहे हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है और पूरी दुनिया उसको इसी न‍िगाह से देख रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी द्वारा जेपीसी की माँग बेबुनियाद है।

इससे पहले राहुल गाँधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था क‍ि चुनावी एग्‍ज‍िट पोल की वजह से शेयर बाजार में लोगों के 30 लाख करोड़ रुपये डूब गए, क्‍योंक‍ि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने दावा किया था क‍ि चुनाव के बाद स्टॉक मार्केट तेजी से आगे बढ़ने वाला है। उन्‍होंने पूरे मामले की संयुक्‍त संसदीय समि‍त‍ि से जाँच कराने की माँग की। इसी का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने कहा, बाजार में उतार चढ़ाव सामान्‍य बात है। आम निवेशकों को फायदा मिलता रहता है। कॉन्ग्रेस को बताना चाह‍िए क‍ि उनके समय में मार्केट कैसे क्रैश होते थे। उन्‍हें निवेशकों का कॉन्फिडेंस कम करने की कोश‍िश नहीं करनी चाहिए।

पीयूष गोयल ने कहा, राहुल को चिंता करनी चाहिए कि रुझान में जब उनको बढ़त मिली तो मार्केट गिरा। वो ये साबित करता है कि जनता निवेशकों को उनपर भरोसा नहीं है। जब ये पक्का हो गया है कि मोदी सरकार ही है तब निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उन्‍होंने दावा किया क‍ि सारे रिफार्म जारी रहेंगे। हमारे सहयोगी दल ये समझते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विजन से भारत आगे बढ़ रहा है। इंडी गठबंधन सिर्फ सीट एडजस्टमेंट बन गया है।

गोयल ने कहा, “दुनिया भर में इस तरह से इक्विटी मार्केट चलती है। देखना यह है कि लंबे अरसे में इक्विटी मार्केट में क्या हुआ है। देश के निवेशक जानते हैं कि पिछले दस वर्ष के सफलतापूर्वक मोदी सरकार के कार्यकाल में हमारा मार्केट कैप पहली बार 400 लाख करोड़ का कीर्तिमान हासिल किया है। पीएसयू का मार्केट कैप भी चार गुना मोदी सरकार के कार्यकाल में बढ़ा है। यूपीए काल में भारत का मार्केट कैप मात्र 67 लाख करोड़ रुपये था। आज यह बढ़कर 415 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह 348 लाख करोड़ रुपये की बढ़त पिछले दस वर्षों में हुई है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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