Sunday, November 29, 2020
Home राजनीति कॉन्ग्रेस राज में चमचमाने वाला राज ठाकरे बल्ब फ्यूज, चुनावी राजनीति से तौबा करने...

कॉन्ग्रेस राज में चमचमाने वाला राज ठाकरे बल्ब फ्यूज, चुनावी राजनीति से तौबा करने के दिए संकेत

मनसे प्रमुख ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के दिए संकेत। ईवीएम का बहाना बनाकर लोकसभा चुनाव से भी रहे थे दूर। 2014 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया था।

कॉन्ग्रेस राज में उभरने वाले राज ठाकरे की राजनीतिक दुकान अब बंद होने के कगार पर पहुॅंच चुकी है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के सुप्रीमो ने लोकसभा चुनाव की तरह ही विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ सकती है। ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका और फंड की कमी का हवाला दे राज ठाकरे ने इसके संकेत दिए हैं। ईवीएम का बहाना उन्होंने आम चुनावों में भी बनाया था।

चाचा बाल ठाकरे से राजनीति के दॉंव-पेंच सीखने वाले राज ने मार्च 2006 में शिवसेना छोड़ मनसे का गठन किया था। फरवरी 2008 में मुंबई में उनके कार्यकर्ताओं ने जमकर गुंडई दिखाई थी। उत्तर भारतीयों को निशाना बनाया गया था। उस समय केंद्र और महाराष्ट्र दोनों जगहों पर कॉन्ग्रेस की सरकार हुआ करती थी और राज खूब दहाड़ते थे। 2014 के आम चुनावों से पहले उन्होंने मोदी के भी कसीदे पढ़े थे। लेकिन, भाव नहीं मिलने के बाद उनके खिलाफ खूब जहर उगला। नतीजतन, 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का खाता तक नहीं खुला।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज ठाकरे की चुनावी राजनीति से दिलचस्पी इस कदर कम हो गई है उन्होंने पार्टी के नेताओं को सलाह दी है कि देश की इकॉनामी ठीक न होने के कारण आगामी विधानसभा चुनाव से उन सबको दूर रहना चाहिए। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में जो तर्क दिए हैं वो उनके ही पार्टी के नेताओं के गले के नीचे नहीं उतर रही है। इससे पार्टी नेताओं का एक बड़ा वर्ग नाराज बताया जा रहा है।

राज ठाकरे ने चुनाव नहीं लड़ने के संकेत अपने घर पर पार्टी नेताओं की बैठक में दिए। बैठक आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की दिशा एवं रणनीति पर चर्चा के लिए थी। कुछ नेताओं ने कहा कि चुनाव लड़ना चाहिए तो कुछ ने इसके खिलाफ अपनी राय रखी। इसके बाद राज ठाकरे ने अगली बैठक में अपना निर्णय सुनाने की बात कही। हालाँकि मंदी का हवाला देकर चुनाव से दूर रहने की सलाह देकर उन्होंने बता दिया कि उनके मन में क्या चल रहा है।

फंड हासिल करना मुश्किल है’

राज ठाकरे ने बैठक में कहा, “देश की खराब आर्थिक हालत को देखते हुए अपने पैसे संभाल कर रखिए और सोच समझ कर खर्च कीजिए। EVM पर होने वाले चुनाव निष्पक्ष नहीं होंगे। अगर पार्टी ने चुनाव मैदान में उम्मीदवार उतारे तो फंड हासिल करना मुश्किल होगा।”

राज ठाकरे की अध्यक्षता वाली पार्टी की हालात कितनी नाजुक चल रही है, इस बात का अंदाजा मनसे (MNS) नेताओं द्वारा बैठक में दिए गए बयान से लगाया जा सकता है। इस बैठक में कुछ नेताओं ने कहा, “चुनाव लड़ने में करोड़ों रुपए डालकर अगर हारना ही है, तो चुनाव लड़ने से क्या फ़ायदा? बीजेपी का ईवीएम के जोर पर सत्ता में आना तय है तो ऐसे में चुनाव लड़ने का निर्णय सही नहीं होगा।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘बिल सही है, लेकिन मोदी अच्छे नहीं’: बिल का पता नहीं, किसान के नाम पर धमाचौकड़ी खूब; देखें कुछ दिलचस्प Video

किसान आंदोलन के कथित समर्थकों के कुछ वीडियो सामने आए हैं। इनको किसान बिल के बारे में तो नहीं पता है, लेकिन समर्थन करने की अपनी-अपनी वजहें हैं।

जमीन, सड़क, मॉल, फ्लैट, अम्बानी, अडानी, हवाई जहाज… पब्लिक पूछे- राहुल बाबा कहना क्या चाहते

राहुल गाँधी 'ओजस्वी वक्ता' हैं। उनके भाषण 'बहुत मजेदार' होते हैं। यह किसी से छिपा नहीं। उनका ऐसा ही एक भाषण कृषि कानूनों पर वायरल हो रहा है। जरा, उनके तर्क समझिए और समझाइए।

बरखा ने किए भरपूर जतन, पर दीप सिद्धू ने भिंडरावाले को नहीं माना आतंकी; खालिस्तानी होने के सबूत दिए

कभी केंद्र सरकार में बर्थ मैनेज कर लेने वाली बरखा दत्त दीप सिद्धू का इंटरव्यू 'फिक्स' नहीं कर पाईं और झुंझलाहट उनके चेहरे पर साफ दिखती रही।

लखपत गुरुद्वारा का जीर्णोद्धार, गुरु नानक को याद और किसान जितेन्द्र-असलम की ‘असली ताकत’: PM मोदी के मन की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 71वें संस्करण में सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी को याद किया और किसानों को भी समझाया।

6 जिले, 6 महीने से तैयारी: मंत्री पद से इस्तीफा देकर शुभेंदु अधिकारी ने TMC को लगभग तोड़ डाला, ममता की रैली पर संकट

6 जिलों या 35 विधानसभा सीटों पर प्रभाव को हटा भी दें तो शुभेंदु TMC के एक स्तंभ थे? इसके लिए हमें 13 साल पीछे 2007 में जाना होगा...

‘जय हिन्द नहीं… भारत माता भी नहीं, इंदिरा जैसा सबक मोदी को भी सिखाएँगे’ – अमानतुल्लाह के साथ प्रदर्शनकारियों की धमकी

जब 'किसान आंदोलन' के नाम पर प्रदर्शनकारी द्वारा बयान दिए जा रहे थे, तब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान वहीं पर मौजूद थे।

प्रचलित ख़बरें

दिवंगत वाजिद खान की पत्नी ने अंतर-धार्मिक विवाह की अपनी पीड़ा पर लिखा पोस्ट, कहा- धर्मांतरण विरोधी कानून का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए

कमलरुख ने खुलासा किया कि कैसे इस्लाम में परिवर्तित होने के उनके प्रतिरोध ने उनके और उनके दिवंगत पति के बीच की खाई को बढ़ा दिया।

‘बीवी सेक्स से मना नहीं कर सकती’: इस्लाम में वैवाहिक रेप और यौन गुलामी जायज, मौलवी शब्बीर का Video वायरल

सोशल मीडिया में कनाडा के इमाम शब्बीर अली का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें इस्लाम का हवाला देते हुए वह वैवाहिक रेप को सही ठहराते हुए देखा जा सकता है।

दिल्ली दंगों के दौरान मुस्लिमों को भड़काने वाला संगठन ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को पहुँचा रहा भोजन: 25 मस्जिद काम में लगे

UAH के मुखिया नदीम खान ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों को मदद पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।

भोपाल स्टेशन के सालों पुराने ‘ईरानी डेरे’ पर चला शिवराज सरकार का बुलडोजर, हाल ही में हुआ था पुलिस पर पथराव

साल 2017 के एक आदेश में अदालत ने इस ज़मीन को सरकारी बताया था लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद ईरानी यहाँ से कब्ज़ा नहीं हटा रहे थे।

31 का कामिर खान, 11 साल की बच्ची: 3 महीने में 4000 मैसेज भेजे, यौन शोषण किया; निकाह करना चाहता था

कामिर खान ने स्वीकार किया है कि उसने दो बार 11 वर्षीय बच्ची का यौन शोषण किया। उसे गलत तरीके से छुआ, यौन सम्बन्ध बनाने के लिए उकसाया और अश्लील मैसेज भेजे।

‘बिल सही है, लेकिन मोदी अच्छे नहीं’: बिल का पता नहीं, किसान के नाम पर धमाचौकड़ी खूब; देखें कुछ दिलचस्प Video

किसान आंदोलन के कथित समर्थकों के कुछ वीडियो सामने आए हैं। इनको किसान बिल के बारे में तो नहीं पता है, लेकिन समर्थन करने की अपनी-अपनी वजहें हैं।

‘रोहिंग्या पर कार्रवाई करता हूँ तो यही लोग हायतौबा मचाते हैं’: हैदराबाद में बोले अमित शाह- समाप्त करेंगे निजाम संस्कृति

हैदराबाद में विपक्ष पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि जब वे रोहिंग्या मुसलमानों पर कार्रवाई करते हैं तो यही लोग हायतौबा करने लगते हैं।

MP: उर्दू और अरबी नहीं सीखने पर शौहर इरशाद खान ने ज्योति से की मारपीट, 2 साल पहले किया था निक़ाह

मध्य प्रदेश में पुलिस ने ज्योति को उर्दू और अरबी सीखने नहीं पर पिटाई करने के आरोप में उसके पति मोहम्मद इरशाद खान को गिरफ्तार किया है।

UAE से 3000 पाकिस्तानियों की नौकरी खत्म: इजरायल का विरोध करने की कीमत चुका रहा यह इस्लामी मुल्क?

पाकिस्तान के अलावा 12 अन्य ‘इज़रायल विरोधी’ देशों के नागरिकों के लिए नए वीज़ा जारी करने पर पाबंदी लगाई गई है। पाकिस्तान को...

जमीन, सड़क, मॉल, फ्लैट, अम्बानी, अडानी, हवाई जहाज… पब्लिक पूछे- राहुल बाबा कहना क्या चाहते

राहुल गाँधी 'ओजस्वी वक्ता' हैं। उनके भाषण 'बहुत मजेदार' होते हैं। यह किसी से छिपा नहीं। उनका ऐसा ही एक भाषण कृषि कानूनों पर वायरल हो रहा है। जरा, उनके तर्क समझिए और समझाइए।

युवक के साथ मारपीट कर खिलाया मल-मूत्र: छेड़छाड़ के लिए घुसा था लड़की के घर, जाँच में जुटी राजस्थान पुलिस

लड़के वाले ने आरोप लगाया कि उसे एक लड़की ने कॉल करके अपने घर बुलाया। लड़की ने धमकी दी कि अगर वह उसके घर नहीं गया तो...

बरखा ने किए भरपूर जतन, पर दीप सिद्धू ने भिंडरावाले को नहीं माना आतंकी; खालिस्तानी होने के सबूत दिए

कभी केंद्र सरकार में बर्थ मैनेज कर लेने वाली बरखा दत्त दीप सिद्धू का इंटरव्यू 'फिक्स' नहीं कर पाईं और झुंझलाहट उनके चेहरे पर साफ दिखती रही।

मंदिर में जबरन घुस गया मंजूर अली, देवी-देवताओं और पुजारियों को गाली देते हुए किया Facebook Live

मंदिर के पुजारियों और वहाँ मौजूद लोगों ने मंजूर अली को रोकने का प्रयास किया, तब उसने उन लोगों से भी गाली गलौच शुरू कर दिया और...

‘जो सिर कलम नहीं करते, दंगे और धर्मांतरण नहीं करते, हम उनकी रक्षा कैसे कर रहे हैं:’ वाजिद खान की पत्नी के सपोर्ट में...

कंगना रनौत ने दिवंगत म्यूजिक कंपोजर वाजिद खान की पत्नी कमलरुख पर परिवार द्वारा धर्म परिवर्तन को लेकर बनाए गए दबाव पर सवाल उठाया है।

‘गुस्ताख-ए-रसूल की एक ही सजा, सर तन से जुदा’: मेंगलुरु में अब रंग दी पुलिस चौकी की दीवार

मेंगलुरु में फिर से हिंसक और कट्टरपंथी नारे नजर आए हैं। इससे पहले मुंबई हमले की बरसी पर भी ऐसा ही देखा गया था।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,468FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe