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कॉन्ग्रेस की लापरवाही की वजह से छूटे सभी आरोपित: पहलू खान मामले में गहलोत पर बरसीं मायावती

पहलू खान हत्याकांड मामले में अलवर की जिला अदालत ने बुधवार (अगस्त 14, 2019) को फैसला सुनाते हुए सभी 6 आरोपितों को बरी कर दिया। अदालत ने इन आरोपितों को पुलिस जाँच में गंभीर कमियों के चलते संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।

राजस्थान के अलवर में 2017 में हुए पहलू खान हत्याकांड मामले में आरोपितों को निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार पर बसपा प्रमुख मायावती ने घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोपितों की रिहाई पर कॉन्ग्रेस पार्टी और राजस्थान सरकार पर निशाना साधा है। मायावती ने राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार पर इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार की लापरवाही की वजह से ही मामले के आरोपित रिहा हो सके। मायावती ने अपने ट्वीट के जरिए राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर सवाल उठाया है।

मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा, “राजस्थान कॉन्ग्रेस सरकार की घोर लापरवाही व निष्क्रियता के कारण बहुचर्चित पहलू खान माब लिंचिंग मामले में सभी 6 आरोपित वहाँ की निचली अदालत से बरी हो गए, यह अतिदुर्भाग्यपूर्ण है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के मामले में वहाँ की सरकार अगर सतर्क रहती तो क्या यह संभव था, शायद कभी नहीं।”

गौरतलब है कि, पहलू खान हत्याकांड मामले में अलवर की जिला अदालत ने बुधवार (अगस्त 14, 2019) को फैसला सुनाते हुए सभी 6 आरोपितों को बरी कर दिया। अदालत ने इन आरोपितों को पुलिस जाँच में गंभीर कमियों के चलते संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। इस मामले में कुल 9 आरोपित पकड़े गए, जिनमें से 3 नाबालिग हैं। अदालत ने बुधवार को 6 बालिग आरोपितों- विपिन यादव, रविन्द्र कुमार, कालूराम, दयानंद, योगेश कुमार उर्फ धोलिया और भीम राठी को लेकर फैसला सुनाया। जबकि, नाबालिग आरोपितों पर जुवेनाइल अदालत में सुनवाई की जा रही है।

वहीं, राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि इस मामले में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी जाएगी। बता दें कि, पहलू खान 1 अप्रैल 2017 को अपने दोनों बेटों के साथ जयपुर के एक मेले से मवेशियों को खरीद कर हरियाणा के नूह स्थित अपने घर ला रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने उनको भीड़ से छुड़ाकर बहरोड़ के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था। जहाँ इलाज के दौरान पहलू खान की अप्रैल 04, 2017 को मौत हो गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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