Homeराजनीति4 करोड़ की पहुँच वाले दक्षिणपंथी का अकाउंट अकारण सस्पेंड, ताली पीट रहे आपिए

4 करोड़ की पहुँच वाले दक्षिणपंथी का अकाउंट अकारण सस्पेंड, ताली पीट रहे आपिए

अब यह तीसरी घटना है जब प्रभावशाली राजनीतिक पेज/अकाउंट अकारण या गलत कारण देकर बंद किए जा रहे हैं। यह भारत की संप्रभुता के साथ हस्तक्षेप नहीं तो क्या है?

लोकसभा चुनावों के बीच दक्षिणपंथी और गैर-वामपंथी सोशल मीडिया यूजर्स की आवाज़ सोशल मीडिया कम्पनियों द्वारा दबाया जाना बदस्तूर जारी है। अंशुल सक्सेना को फेसबुक ने सस्पेंड किया, समाचार पोर्टल mynation का फेसबुक पेज डिलीट कर दिया गया और अब ट्विटर ने ऋषि बागड़ी (@rishibagree) का ट्विटर अकाउंट बिना कोई कारण बताए सस्पेंड कर दिया है।

फेसबुक पर दी जानकारी

भाजपा समर्थक और दक्षिणपंथी ऋषि ने यह जानकारी अपने फेसबुक पेज से दी। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट की पहुँच का विश्लेषण भी साझा किया, जिससे पता चलता है कि उनकी पहुँच लगभग 4 करोड़ ट्विटर यूजर्स तक थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी दल उनकी पहुँच और लोकप्रियता को लेकर चिंतित थे।

तीन हफ्ते में तीसरी घटना

तीन हफ्ते के अन्दर यह भारतीय राजनीतिक आवाजों को विदेशी सोशल मीडिया कम्पनियों द्वारा दबाए जाने की तीसरी घटना है। इससे पहले दक्षिणपंथी अंशुल सक्सेना का फेसबुक पेज भी ‘नग्नता फैलाने’ के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था, जबकि वे दरअसल नग्न पेंटिंगों की एक प्रदर्शनी का विरोध कर रहे थे। उन्होंने जब अपना विरोध जताया तो फेसबुक ने माफ़ी माँगते हुए उनका अकाउंट वापिस करने की बात कही। लेकिन उन्हें एक सप्ताह लटकाने के बाद ही उनका पेज चालू हुआ, जबकि ट्रोल ध्रुव राठी का पेज महज घंटों में चालू कर दिया गया

इसके बाद फेसबुक ने भारतीय राजनीति में सीधा हस्तक्षेप करते हुए सैकड़ों कॉन्ग्रेस समर्थक और कुछेक भाजपा समर्थक पेजों और समाचार पोर्टल mynation के पेज को डिलीट कर दिया। उस समय फेक न्यूज़ फ़ैलाने का आरोप लगाया गया, लेकिन ऑपइंडिया ने जब फेसबुक द्वारा दिए गए ‘सबूतों’ की पड़ताल की तो पाया कि न ही भाजपा और न ही कॉन्ग्रेस के उक्त पेज किसी भी प्रकार की फेक न्यूज़ फैला रहे थे।

और अब यह तीसरी घटना है जब प्रभावशाली राजनीतिक पेज/अकाउंट अकारण या गलत कारण देकर बंद किए जा रहे हैं। यह भारत की संप्रभुता के साथ हस्तक्षेप नहीं तो क्या है?

सोशल मीडिया पर ताली पीट रहे आपिए

हमने अभी आपको ऊपर बताया कि कॉन्ग्रेस की नीतियों के विरोध में रहते हुए भी ऑपइंडिया ने कॉन्ग्रेस के पेज हटाए जाने का विरोध किया था, क्योंकि यह विदेशी ताकतों द्वारा किया गया था, और गलत आधार पर था। पर ऋषि बागड़ी का भी मामला बिलकुल ऐसा ही होने के बावजूद आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के सदस्य कपिल इस कदम के समर्थन में ‘थम्सअप’ दे रहे हैं।

इस बीच पत्रकार शेफाली वैद्य और mynation के संपादक अभिजित मजुमदेर ने इसका विरोध करते हुए ट्वीट किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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