चुनाव परिणाम के बाद RJD में बगावत, विधायक ने तेजस्वी से माँगा इस्तीफा

विधानसभा में तेजस्वी को नेता प्रतिपक्ष और विधान परिषद में राबड़ी को विपक्ष का नेता बनाया। नतीजा यह निकला कि पार्टी लोकसभा चुनाव में जीरो पर आ गई। राजद की इतनी दुर्गति कभी नहीं हुई और यह सब परिवारवाद की वजह से ही हुआ है।

लोकसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों को करारी शिकस्त मिली। चुनाव परिणाम के बाद कॉन्ग्रेस में जहाँ इस्तीफों का दौर जारी है, वहीं अब बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में भी बगावत के सुर तेज हो गए हैं। गायघाट से विधायक महेश्वर यादव ने तेजस्वी यादव को निशाने पर लिया है। महेश्वर यादव ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा माँगा है। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पार्टी टूट जाएगी। महेश्वर यादव ने तो यहाँ तक कह दिया कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई, तो वो पार्टी छोड़कर जदयू में शामिल हो जाएँगे और उनके साथ ही कई और राजद विधायक पार्टी छोड़ देंगे।

सोमवार (मई 27, 2019) को मीडिया से बात करते हुए महेश्वर यादव ने राजद सुप्रीमो लालू यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राजद परिवारवाद के चक्कर में उलझी हुई है। इसी वजह से पार्टी की इतनी दुर्गति हुई। उनका कहना है कि 1997 में जब लालू जेल जा रहे थे, तब भी उन्होंने लालू से कहा था कि राबड़ी को मुख्यमंत्री न बनाकर अपने पसंद के किसी विधायक को सीएम बनाइए। उस वक्त भी परिवार के मोह में राबड़ी को सीएम बनाया गया और तब परिवारवाद की वजह से राजद विधानसभा में 22 सीट और लोकसभा में 4 सीट पर सिमट गई थी।

इसके साथ ही राजद विधायक ने कहा कि पार्टी ने अब्दुल बारी सिद्दीकी जैसे वरिष्ठ नेता को दरकिनार कर तेजस्वी को विधायक दल का नेता बना दिया। विधानसभा में तेजस्वी को नेता प्रतिपक्ष और विधान परिषद में राबड़ी को विपक्ष का नेता बनाया। नतीजा यह निकला कि पार्टी लोकसभा चुनाव में जीरो पर आ गई। राजद की इतनी दुर्गति कभी नहीं हुई और यह सब परिवारवाद की वजह से ही हुआ है।

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महेश्वर यादव द्वारा इस्तीफे की माँग पर जदयू और भाजपा ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। गौरतलब है कि, हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में बिहार में कुल 40 सीटों में से एनडीए ने 39 सीटों पर जीत दर्ज की है। एक सीट पर कॉन्ग्रेस की जीत हुई है, तो वहीं आरजेडी खाता भी नहीं खोल पाई।

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