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‘अच्छे दिनों’ की आस में मंदिर पहुँचे रॉबर्ट वाड्रा, भीड़ ने लगाए ‘मोदी-मोदी’ के नारे

जब लोगों से नारेबाजी की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार फिर से देश में मोदी सरकार ही चाहिए इसलिए उन्होंने नारेबाजी की।

शुक्रवार (मई 10, 2019 ) को कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा दक्षिण मुंबई स्थित मुंबादेवी मंदिर दर्शन करने पहुँचे। यहाँ से निकलते वक्त उन्हें मोदी समर्थकों का सामना करना पड़ा। उनको देखकर लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। वाड्रा ने इस दौरान पत्रकारों से भी बातचीत की लेकिन इस बीच राजनैतिक मुद्दों को दूर रखा। उन्होंने राजनीति से जुड़े किसी भी मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया।

नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार मंदिर में वाड्रा दोपहर के करीब 12 बजे दर्शन के लिए पहुँचे थे। उनके पहुँचते ही उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान उन्होंने मंदिर में मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा की और मंदिर के गर्भ गृह की परिक्रमा की। दर्शन के उपरांत पत्रकारों ने उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री और उनके ससुर राजीव गाँधी पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा। इस पर वाड्रा जवाब देते हुए कहा कि मंदिर में राजनीतिक बातें नहीं की जानी चाहिए, वो मंदिर में मुंबा देवी दर्शन के लिए आए हैं। उन्होंने कहा, “यहाँ की जो महत्ता है, वह महसूस की जा सकती है। दर्शन करके बहुत अच्छा लग रहा है। अच्छा समय आने वाला है। जल्द ही पूरे परिवार के साथ दर्शन करने आऊँगा।”

बता दें मुंबा देवी को मुंबई की इष्टदेवी माना जाता है। इन्हीं के नाम पर शहर का नाम भी पड़ा है। खबरों के मुताबिक वाड्रा के मंदिर पहुँचते ही वहाँ मीडियाकर्मियों को देख काफ़ी भीड़ जमी हो गई थी। वाड्रा जैसे ही बाहर निकले तो लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस मौक़े पर पहुँची और वाड्रा के जाने के लिए रास्ता खाली कराया। जब लोगों से नारेबाजी की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार फिर से देश में मोदी सरकार ही चाहिए इसलिए उन्होंने नारेबाजी की। कुछ मीडिया खबरें के अनुसार रॉबर्ट वाड्रा को मंदिर में VIP दर्शन कराए जाने से लोगों को दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ा।

भीड़ से यह भी पूछा गया कि क्या वे भाजपा के कार्यकर्ता हैं तो भीड़ ने बताया कि वे सभी भाजपा के समर्थक हैं उन लोगों ने खुद नारेबाजी की, उनसे किसी ने भी नारे लगाने को नहीं कहा था। इस घटना पर कॉन्ग्रेस के एक नेता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक विरोध समझ आता है लेकिन अगर कोई मंदिर में दर्शन करने जाता है तो वहाँ पर इस तरह की नारेबाजी अशोभीय हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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