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‘मस्जिद से ऐलान करके लोगों को उकसाया गया’: सोरम हिंसा को बीजेपी नेता ने बताया पूर्व नियोजित

“सपा उम्मीदवार के परिवार के 10-12 सदस्यों ने भैसंवाल में मेरे साथ बदसलूकी की। उनके अलावा जब मैं सोरम पहुँचा तो 5 से 6 लोकदल कार्यकर्ताओं ने भी यही किया। मेरे जाने के बाद वहाँ झड़प हुई थी। मेरे खिलाफ एकजुट रहने के लिए मस्जिद से ऐलान कराया गया था।”

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के सोरम गाँव में मंगलवार (फरवरी 23, 2021) को बीजेपी और आरएलडी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। अब इस हिंसा पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान का बयान आया है। उन्होंने बताया है कि उस दिन मस्जिद से ऐलान करके लोगों को उनके ख़िलाफ़ उकसाया गया था। उनके मुताबिक पूरी घटना पूर्व नियोजित थी।

बता दें कि मंगलवार को केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान शाहपुर थाना क्षेत्र के गाँव सोरम में तेहरवीं में शामिल होने पहुँचे थे जहाँ बालियान का विरोध कर रहे कुछ युवकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई। भाजपा नेता ने इसके पीछे सपा और आरएलडी का हाथ बताया। पूरी हिंसा में 4 लोग घायल हुए थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा, “सपा उम्मीदवार के परिवार के 10-12 सदस्यों ने भैसंवाल में मेरे साथ बदसलूकी की। उनके अलावा जब मैं सोरम पहुँचा तो 5 से 6 लोकदल कार्यकर्ताओं ने भी यही किया। मेरे जाने के बाद वहाँ झड़प हुई थी। मेरे खिलाफ एकजुट रहने के लिए मस्जिद से ऐलान कराया गया था।”

उन्होंने इलाके के पूर्व सांसद अमीर आलम पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सोची समझी साजिश नहीं तो और क्या है कि कुछ देर बाद ही आरएलडी के बड़े नेता वहाँ पहुँच गए। वह सब समाज को बाँटकर अशांति फैलाना चाहते हैं। जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जाँच करे और कॉल डिटेल निकाल कर असली दोषियों को बेनकाब किया जाए।

एबीपी गंगा के अनुसार वह बोले, “लोकदल नेताओं की कॉल डिटेल निकाली जाए। अगर मेरी गलती निकलती है तो मैं दिल्ली चला जाऊँगा। तेरहवीं जैसे मौके पर जिंदाबाद या मुदार्बाद नहीं होना चाहिए। मैं अपने जिले के लोगों के साथ दुख-सुख में हर वक्त खड़ा हूँ। ये लोग नहीं चाहते कि मैं लोगों के बीच में रहूँ।”  बालियान ने आरएलडी के बड़े नेता जयंत चौधरी पर भी आरोप मढ़ा। उन्होंने इस बात पर गौर करवाया कि आखिर प्रकरण के कुछ ही मिनट बाद कैसे वह ट्वीट करने लगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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