Homeराजनीतिशारदा घोटाला: CBI ने ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी को किया तलब

शारदा घोटाला: CBI ने ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी को किया तलब

पिछले महीने सीबीआई ने शारदा पोंजी घोटाला मामले में जाँच में शामिल होने के लिए तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन को तलब किया था। शारदा घोटाले में गिरफ्तार होने वाले टीएमसी के राज्यसभा सांसद कुणाल घोष पहले टीएमसी नेता थे, जिन्हें नवंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया।

शारदा चिटफंड घोटाले की जाँच कर रही केंद्रीय जाँच अन्वेषण (CBI) ने पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को नोटिस भेजा है। उन्हें सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के मुखपत्र ‘जागो बांग्ला’ के संदर्भ में तलब किया गया है। पार्थ चटर्जी ‘जागो बांग्ला’ के संपादक हैं और सीबीआई उनसे ‘जागो बांग्ला’ के बैंक खातों के कुछ वित्तीय लेन-देन के बारे में पूछताछ करने वाली है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि चटर्जी को शहर में स्थित सीबीआई के कार्यालय में शुक्रवार (अगस्त 16, 2019) दोपहर को जाँच अधिकारियों के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।

पिछले महीने सीबीआई ने शारदा पोंजी घोटाला मामले में जाँच में शामिल होने के लिए तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन को तलब किया था। अधिकारियों ने बताया कि उनसे भी जागो बांग्ला के बैंक खातों से संबंधित वित्तीय लेन- देन के बारे में पूछताछ हो सकती है। डेरेक ओब्रायन पार्टी के जागो बांग्ला के प्रकाशक हैं।

शारदा घोटाले में टीएमसी के कई दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं और कई नेता इस मामले में फँस भी चुके हैं। पहले इस मामले में कोलकाता के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ की जानी थी, लेकिन राजीव कुमार ने अपनी चिट्ठी के साथ एक सीआईडी अधिकारी को सीबीआई के दफ्तर भेजकर राजीव कुमार ने पूछताछ के लिए समय माँगा है। फिलहाल, राजीव कुमार बंगाल के एडीजी सीआईडी पद पर तैनात हैं।

गौरतलब है कि, शारदा घोटाले में गिरफ्तार होने वाले टीएमसी के राज्यसभा सांसद कुणाल घोष पहले टीएमसी नेता थे, जिन्हें नवंबर 2013 में गिरफ्तार किया गया। कुणाल घोष चिटफंड घोटाले वाली कंपनी शारदा ग्रुप की मीडिया यूनिट के ग्रुप सीईओ थे। इस केस में गिरफ्तार होने वाले दूसरे नेता श्रींजॉय बोस थे। टीएमसी के राज्यसभा सांसद श्रींजॉय बोस को 21 नवंबर 2014 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। उन पर घोटाले के मास्टरमाइंड और शारदा ग्रुप के सीएमडी सुदीप्तो सेन से घोटाले की रकम में हिस्सा लेने का आरोप है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -