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सपा सरकार में मंत्री बन आजम खान ने छीनी थी शाही परिवार से जो जमीन, 10 साल बाद वक्फ बोर्ड ने उसे वापस लौटाया: जाँच के बाद हुई कार्रवाई

ये जमीन साल 2012 में अखिलेश यादव की सरकार के दौरान कब्ज़े में ली गईं थी जब आज़म खान वक्फ मंत्री थे। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी की अध्यक्षता में यह निर्णय 31 मार्च (गुरुवार) को लिया गया है कि जमीन शाही परिवार को वापस होगी।

उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड ने रामपुर जिले में शाही परिवार की वक्फ संपत्तियों को सपा नेता आजम खान के कब्ज़े से मुक्त करवाया है। यह जमीन शाही परिवार को वापस कर दी गई है। रामपुर के शाही परिवार और आज़म खान में पहले से काफी अनबन रही है। ये जमीनें साल 2012 में अखिलेश यादव की सरकार के दौरान कब्ज़े में ली गईं थी जब आज़म खान वक्फ मंत्री थे। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी की अध्यक्षता में यह निर्णय 31 मार्च (गुरुवार) को लिया गया है कि जमीन शाही परिवार को वापस होगी। इसकी जानकारी खुद अली ज़ैदी ने साझा की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आज़म खान ने समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उस समय के शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिज़वी को निर्देश दे कर वक्फ की सम्पत्तियों को गैरकानूनी तरीके से छीन लिया था। इसी के साथ आज़म ने वसीम खान नामक एक बाहरी आदमी को इन सम्पत्तियों का मुतवल्ली बनाया था। कोर्ट का स्टे होने के बाद भी आज़म ने इन जमीनों पर बने शौकत अली बाजार को साल 2013 में ढहा दिया था।

इसी मामले पर आगे जानकारी देते हुए जैदी ने कहा, “नवंबर 2021 में फिर से शिया वक्फ बोर्ड का गठन किया गया। इस पुनर्गठन के बाद शाही परिवार की शिकायत पर वक्फ सम्पत्तियों पर अवैध कब्जे की जाँच करवाई गई। उस जाँच के निष्कर्ष के बाद सपा सरकार में नियुक्त हुए वसीम खान को हटाकर शाही परिवार के हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां को मुतवल्ली बनाया गया है।

गौरतलब है कि फिलहाल आजम खान भ्रष्टाचार के कई केसों में UP के सीतापुर जेल में बंद हैं। उन्होंने जेल से न्यायलय में याचिका लगा कर विधानसभा शपथ समारोह में जाने की अनुमति माँगी थी। हालाँकि कोर्ट ने यह अनुमति देने से इंकार कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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