Sunday, May 29, 2022
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‘अल्लाह ने चाहा तो इन्हीं से जूते साफ कराऊँगा’: जिस अधिकारी को आजम खान ने धमकाया, उसी ने पहुँचाया जेल, हिला डाला उनका साम्राज्य

ये बात बोलते समय आजम खान ने तब यह नहीं सोचा होगा कि जिस आईएएस अफसर के लिए वो ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वही एक दिन उनके पूरे साम्राज्य को हिला देगा।

यूपी के रामपुर में कभी आजम खान की तूती बोलती थी। सरकार किसी की हो लेकिन प्रशासन उनके इशारों पर काम करता था। आजम खान जहाँ सपा के टिकट पर जेल से ही चुनाव मैदान में हैं वहीं रामपुर में आजम खान के खेमे में IAS आन्जनेय कुमार सिंह के नाम से उनके लोग लोग डरे हुए हैं। इसी आज़म खान ने 2019 की लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान IAS आन्जनेय सिंह से अपने जूते साफ कराने की बात कही थी। आन्जनेय तब रामपुर के DM थे। आजम खान ने तब उनको धमकाते हुए कहा था, “कलेक्टर-फलेक्टर से मत डरियो, ये तनखैय्ये हैं, अल्लाह ने चाहा तो चुनाव बाद इन्हीं से जूते साफ कराऊँगा।”

ये बात बोलते समय आजम खान ने तब यह नहीं सोचा होगा कि जिस आईएएस अफसर के लिए वो ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वही एक दिन उनके पूरे साम्राज्य को हिला देगा। उनके काले करतूतों पर निर्भीक होकर इस तरह से कार्रवाई करेगा कि वह और उनका बेटा जेल में होंगे। और रामपुर की जनता का जो कुछ भी लूटा है सब ब्याज सहित भरना होगा। दरअसल, आज इसी अधिकारी की वजह से रामपुर के सपा सांसद आजम खान करीब 23 महीने से जेल में बंद हैं। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की विधायकी चली गई है। पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा को भी जेल जाना पड़ा। हालाँकि, उनका बेटा 23 महीने बाद जेल से जमानत पर छूट गया है। लेकिन हनक और ऐंठन गायब है। अब आजम खान और उनके बेटे सहित पूरे खेमे को इस विधानसभा चुनाव में इस बात से दहशत है कि कहीं आन्जनेय सिंह फिर से उनपर कोई एक्शन न ले लें।

चुनाव आयोग ने भी की है तारीफ

मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि आजम खान नहीं चाहते कि यूपी के विधान सभा चुनाव में आन्जनेय सिंह मुरादाबाद के कमिश्नर रहें। यहाँ तक कि आज़म खान खेमे के डरे हुए उनके लोग कमिश्नर की शिकायत चुनाव आयोग से भी कर चुके हैं। वहीं पिछले दिनों लखनऊ में हुई मीटिंग में चुनाव आयोग ने 2019 के चुनावों में आन्जनेय कुमार सिंह के काम की तारीफ कर चुका है। उनका उदाहरण देते हुए आयोग ने बाकी अफसरों को भी निर्देश दिया कि वे भी निष्पक्ष, निर्भीक और शांतिपूर्ण चुनावों के लिए इसी तरह का प्रशासनिक इंतजाम करें।

ऐसे ढहा आज़म खान का किला

यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद 19 फरवरी 2019 को आन्जनेय कुमार सिंह के काम और सख्त रवैए को देखते हुए रामपुर का कलेक्टर बनाया गया था। तब रामपुर के इतिहास में यह पहला मौका था जब रामपुर के डीएम की कुर्सी पर बैठा कोई अधिकारी आजम के खिलाफ आने वाली शिकायतों पर बेखौफ होकर एक्शन ले रहा था।

जब 27 किसान डीएम के पास यह शिकायत लेकर आए कि जौहर विश्वविद्यालय के लिए आजम खान ने उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा कर लिया है। तब आन्जनेय कुमार सिंह ने उन सभी मामलों में FIR के आदेश दे दिए। बताते हैं कि इसके बाद शिकायतों का ऐसा अंबार उमड़ा कि एक के बाद एक आजम खान के खिलाफ मुकदमें दर्ज होते-होते उनकी संख्या 98 पार कर गई। यह आंजनेय कुमार सिंह के कार्रवाईयों का ही असर था कि जौहर यूनिवर्सिटी की चारदीवारी में कैद 172 एकड़ सरकारी जमीन आजम खान से छिन गई। यहाँ तक सरकारी जमीने कब्जाने के मामले में डीएम ने आजम का नाम प्रदेश सरकार के एंटी भू माफिया पोर्टल पर रजिस्टर कर उन्हें भू माफिया भी घोषित कर दिया।

आन्जनेय सिंह इतने पर ही नहीं रुके। 2017 के चुनाव में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम के जब विधायकी का मामला उनके सामने आया तो उन्हीं की रिपोर्ट पर आज़म के बेटे की विधायकी छीन गई। दरअसल, अब्दुल्ला आज़म 2017 में स्वार टांडा सीट से सपा के विधायक चुने गए थे। अब्दुल्ला के सामने BSP से चुनाव लड़े नवाब काजिम अली खान ने नॉमिनेशन के समय अब्दुल्ला की उम्र 25 वर्ष से कम होने की बात कहकर निर्वाचन रद्द करने की माँग की थी। 2019 में जब यह मामला आन्जनेय सिंह के सामने आया तो उन्होंने इसकी जाँच कराई।

जाँच में यह बात सामने आई कि अब्दुल्ला आजम ने फर्जी आयु प्रमाण पत्र पर चुनाव लड़ा था और वह नामांकन के समय 25 साल के नहीं थे। यह रिपोर्ट डीएम ने चुनाव आयोग को भेज दी। इसके बाद चुनाव आयोग अब्दुल्ला आज़म का निर्वाचन रद्द कर दिया गया। जाँच में अब्दुल्ला के 2 पैन कार्ड और 2 पासपोर्ट भी सामने आए थे। डीएम आन्जनेय सिंह ने इस मामले में भी मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमें अब्दुल्ला आजम के साथ उनके पिता आजम खान और माँ तंजीन फातिमा को भी जेल की हवा खानी पड़ी।

कौन हैं आन्जनेय कुमार सिंह

बता दें कि आन्जनेय कुमार सिंह, सिक्किम कैडर के 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं। 16 फरवरी 2015 को वह सपा सरकार के समय प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए थे। साथ ही प्रदेश में योगी की सरकार बनने के बाद 19 फरवरी 2019 को आन्जनेय कुमार सिंह को रामपुर का कलेक्टर बनाया गया था। मूल रूप से यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले आन्जनेय रामपुर के जिलाधिकारी (DM) बनाए जाने से पहले बुलंदशहर, फतेहपुर के भी कलेक्टर रह चुके हैं। आन्जनेय करीब 2 साल तक रामपुर के डीएम रहे। प्रमोशन के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने उन्हें मुरादाबाद मंडल का कमिश्नर बना दिया।

इन दिनों आन्जनेय मुरादाबाद के कमिश्नर हैं और आजम खान का जिला रामपुर इसी कमिश्नरी में आता है। केंद्र सरकार भी उनकी प्रतिनियुक्ति को 2 साल के लिए बढ़ा चुकी है। ऐसे में आन्जनेय कुमार सिंह अब 14 फरवरी 2023 तक उत्तर प्रदेश में ही रहेंगे।

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रवि अग्रहरि
रवि अग्रहरि
अपने बारे में का बताएँ गुरु, बस बनारसी हूँ, इसी में महादेव की कृपा है! बाकी राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी नामचीन परम्परा का विशेषज्ञ नहीं हूँ!

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