Thursday, May 6, 2021
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मृतक किसान ने शिवसेना MP पर लगाया था आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, परिवार ने की अर्णब जैसी त्वरित कार्रवाई की माँग

मृतक किसान धवले के परिवार का कहना है कि घटना के 5 महीने बाद इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था और मामला दर्ज किए जाने के बाद एक साल पूरे हो चुके हैं लेकिन पुलिस ने अभी तक चार्जशीट दायर नहीं की है।

महाराष्ट्र में एक किसान ने वर्ष 2019 के अप्रैल माह में आत्महत्या की थी और अपने सुसाइड नोट में शिवसेना सांसद ओमप्रकाश राजे निम्बालकर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। दिलीप धवले नाम के इस किसान का परिवार अभी भी न्याय का इंतजार कर रहा है। मृतक किसान के परिवार की माँग है कि जिस तत्परता से मुंबई पुलिस रिपब्लिक भारत के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, उसी तरह से उन्हें भी न्याय दिलाया जाए।

उस्मानाबाद पुलिस ने किसान को आत्महत्या के लिए उकसाने और धोखाधड़ी के कथित आरोपों में शिवसेना के सांसद ओमप्रकाश राजे निम्बालकर और 56 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। धवले, जो उस्मानाबाद के कास्बे तडवाले गाँव के थे, ने दो सुसाइड नोट छोड़े थे, एक ढोकी पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर के पास, और दूसरा, मतदाताओं को संबोधित करते हुए। उन्होंने लिखा कि मिल को समय पर ऋण चुकाने में विफल रहने के बाद उनकी जमीन को तीन बार नीलाम किया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सूखे के कारण उन्होंने ऐसा कदम उठाया।

आत्महत्या करने वाले किसान की पत्नी वंदना धवले ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से की माँग की है कि दिलीप धवले की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार शिवसेना सांसद ओमप्रकाश राजे और अन्य आरोपितों से तत्काल निपटा जाना चाहिए।

उस्मानाबाद में प्रेस वार्ता करते हुए धवले के परिवार ने उनकी मौत के मामले की जाँच में देरी होने पर आक्रोश जाहिर किया। दिलीप धवले की पत्नी वंदना धवले ने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान उद्धव ठाकरे ने उन्हें इंसाफ दिलाने का वादा किया था। इसके बाद उन्होंने बताया कि उनके पति ने इसलिए आत्महत्या क्योंकि उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी हुई थी, जिसके चलते उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा था। धवले के परिवार का यहाँ तक कहना था कि घटना के 5 महीने बाद इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था और मामला दर्ज किए जाने के बाद एक साल पूरे हो चुके हैं लेकिन पुलिस ने अभी तक चार्जशीट दायर नहीं की है। 

धवले के भाई राज और बेटे दीपक ने भी इस मामले पर पुलिस के लापरवाही भरे रवैये को लेकर रोष जताया है और साथ उद्धव सरकार से निवेदन किया है कि उन्हें जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए। इसके अलावा धवले के परिवार ने कहा कि वह अगले दो दिनों में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात करने के लिए मुंबई आएँगे और विस्तार से जानकारी देंगे कि निम्बालकर की वजह से उनकी कितनी दुर्दशा हुई।

मृतक किसान दिलीप धवले के परिवार ने इस पर आशा जताई कि जिस तरह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नायक परिवार का कष्ट जानने के बाद तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की, ठीक उसी तरह मुख्यमंत्री इनके मामले में भी तत्काल प्रभाव से कार्रवाई का आदेश देंगे। 

वहीं, शिवसेना नेता ओमप्रकाश राजे निम्बालकर ने इस तरह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उनका कहना है कि न तो वह शुगर फैक्ट्री के बोर्ड का हिस्सा थे और न ही बैंक के तंत्र (बॉडी) में शामिल थे। उन्होंने एक तरह से सारा आरोप बैंक पर लगा दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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