Homeराजनीति'कॉन्ग्रेस विधायकों के इस्तीफे में PM मोदी और अमित शाह सीधे तौर पर शामिल'

‘कॉन्ग्रेस विधायकों के इस्तीफे में PM मोदी और अमित शाह सीधे तौर पर शामिल’

"इसमें अमित शाह और प्रधानमंत्री सीधे तौर पर शामिल हैं। वो ताकत और पैसे का प्रलोभन दे रहे हैं। वो इस सरकार को गिराना चाहते हैं, लेकिन वो इसमें सफल नहीं होंगे। दोनों विधायक भाजपा में शामिल नहीं होंगे।"

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस को लगे झटके के बाद सियासी घमासान तेज होता जा रहा है और बयानबाजी का दौर चरम पर है। इस बीच वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कॉन्ग्रेस विधायक आनंद सिंह और रमेश जरकीहोली के विधानसभा से इस्तीफा देने के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हाथ बताया है।

सिद्धारमैया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “इसमें अमित शाह और प्रधानमंत्री सीधे तौर पर शामिल हैं। वो ताकत और पैसे का प्रलोभन दे रहे हैं। वो इस सरकार को गिराना चाहते हैं, लेकिन वो इसमें सफल नहीं होंगे। कर्नाटक सरकार को कोई खतरा नहीं है। दोनों विधायक भाजपा में शामिल नहीं होंगे।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार (जुलाई 1, 2019) को कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के दो विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई। पहले बेल्लारी जिले के विजयनगर से कॉन्ग्रेस सांसद आनंद सिंह ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद एक और कॉग्रेस विधायक रमेश जरकिहोली ने भी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार को अपना त्यागपत्र सौंपा। उनके इस्तीफे ने एक बार फिर उन अटकलों को बल देने का काम किया कि पार्टी के अंदर बगावत शुरू हो गई है।

दोनों विधायकों के इस्तीफा देने के बाद कॉन्ग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने बंगलुरु में अपने आवास पर बैठक बुलाई। वहीं, कर्नाटक बीजेपी के नेता व राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा ने मंगलवार (जुलाई 2, 2019) को कॉन्ग्रेस के दोनों विधायकों के इस्तीफे पर बात करते हुए कहा कि भाजपा का इस इस्तीफे से कोई लेना देना नहीं है । उन्होंने कहा, “मैं पहले भी कहा चुका हूँ कि 20 से अधिक विधायक गठबंधन सरकार से असंतुष्ट हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार को कमजोर करने अथवा गिराने का कोई प्रयास नहीं करेगी, लेकिन यदि सरकार स्वयं गिरती है तो इसमें वो कोई मदद नहीं कर सकते।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -