Homeराजनीतिपार्टी की हार का JDU विधायक ने मनाया जश्न, हाथी पर चढ़ निर्दलीय को...

पार्टी की हार का JDU विधायक ने मनाया जश्न, हाथी पर चढ़ निर्दलीय को दी जीत की बधाई

सीवान की दरौंदा विधानसभा सीट पर 21 अक्टूबर को हुए उपचुनाव में जदयू प्रत्याशी अजय सिंह को निर्दलीय विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह ने 27,279 वोट से हराकर जीत दर्ज की।

चुनावी नतीजों के बाद हारने वाले पक्ष को निराश और जीतने वाले को जश्न मनाते आपने कई बार देखा होगा। लेकिन, बिहार के एक विधायक उप चुनावों में पार्टी की हार का जश्न मनाते नजर आए हैं। सीवान की दरौंदा विधानसभा सीट पर 21 अक्टूबर को हुए उपचुनाव में जदयू प्रत्याशी अजय सिंह को निर्दलीय विधायक कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह ने 27,279 वोट से हराकर जीत दर्ज की।

जदयू प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके बड़हरिया से जदयू विधायक श्याम बहादुर ने हाथी पर चढ़ कर जश्न मनाया। 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम आने के बाद श्याम बहादुर ने नव निर्वाचित निर्दलीय विधायक कर्णजीत सिंह के साथ मिलकर जीत का जश्न मनाया। उन्होंने कर्णजीत सिंह को जीत की बधाई भी दी। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

इस दौरान जदयू विधायक श्याम बहादुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कर्णजीत सिंह जीते हैं, तो वो उनको बधाई देने आए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि कर्णजीत जल्द ही पार्टी में शामिल होंगे और आगामी विधानसभा में वो जदयू की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इस दौरान जदयू विधायक श्याम बहादुर के साथ ही भाजपा से सांसद रह चुके ओम प्रकाश यादव भी निर्दलीय उम्मीदवार की जीत का जश्न मनाते नज़र आए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -